कारगिल युद्ध के घायल पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी ने की आत्महत्या, 24 साल से लड़ रहे थे न्याय की लड़ाई

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले के पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी ने आत्महत्या कर ली है। वे कारगिल युद्ध के दौरान गश्त के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे और मेडिकल आधार पर सेना से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद पिछले 24 वर्षों से वे अपनी जमीन और सैन्य सुविधाओं से जुड़े हक के लिए संघर्ष कर रहे थे। सिस्टम और लंबी कानूनी लड़ाई से थककर उन्होंने यह कदम उठाया। परिवार और इलाके के लोगों में गहरे शोक की लहर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवानंद रेड्डी लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर विभिन्न स्तरों पर आवेदन और अपील कर रहे थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला।

पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी का जमीन आवंटन को लेकर लंबा संघर्ष

कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर निवासी पूर्व सैनिक शिवानंद रेड्डी करीब 24 वर्षों से सरकारी प्रावधान के तहत जमीन आवंटन की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक लगातार प्रयास करने के बावजूद उनका मामला नहीं सुलझा। जानकारी के अनुसार, उन्हें पहले दो अलग-अलग जमीनें आवंटित करने का प्रस्ताव मिला था। लेकिन उन्होंने उन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया और अपनी अपेक्षा के अनुरूप बेहतर जमीन की मांग की थी। यह विवाद लंबे समय से चल रहा था।

पुलिस जांच जारी

घटना के बाद शिवानंद रेड्डी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने पूर्व सैनिकों को मिलने वाले सरकारी प्रावधानों और उनके सही क्रियान्वयन पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

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