नई दिल्ली। अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में चोरी का मामला सामने आने के बाद अब ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय (Champat Rai) की निजी डायरी में दर्ज टिप्पणियां पूरे प्रकरण की परतें खोल रही हैं।
डायरी में दर्ज घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे और अंदरूनी स्तर पर इसकी पड़ताल भी की जा रही थी। इसी दौरान यह सवाल भी सामने आया कि आखिर मंदिर की अंदरूनी गतिविधियों की जानकारी बाहर तक पहुंचाने वाला ‘भेदिया’ कौन था? डायरी में लिखा है कि चुनाव की वजह से FIR में विलंब किया गया।
डायरी में दर्ज विवरण के अनुसार चढ़ावे में गड़बड़ी की आशंका को लेकर अंदरूनी स्तर पर पड़ताल हुई थी। इस दौरान कुछ कर्मचारियों की भूमिका और गतिविधियां संदेह के दायरे में आने की बात भी सामने आई। प्रकरण से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद अप्रैल में एक कर्मचारी को हटाए जाने का उल्लेख भी किया गया है।
इससे संकेत मिलता है कि चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी का मामला अचानक सामने आया विवाद नहीं था, बल्कि इसकी भनक ट्रस्ट के भीतर पहले ही लग चुकी थी। डायरी में नृपेंद्र मिश्र की भूमिका का भी जिक्र है।
मीडिया में चढ़ावा चोरी को उन्होंने डकैती बताया था। पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि मंदिर की आंतरिक व्यवस्था की जानकारी किसके जरिए बाहर पहुंच रही थी। चढ़ावा चोरी की जानकारी अखिलेश यादव तक कैसे पहुंची…. भेदिया कौन…. यह भी लिखा है।










