तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पटना में आरजेडी का बड़ा प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लिया, छात्रों के न्याय तक लड़ाई जारी रखने का ऐलान

Tejashwi March: बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे। उन्होंने पटना में जेपी गोलंबर से राजभवन तक मार्च निकालकर सम्राट सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ निकले इस करीब पांच किलोमीटर लंबे मार्च में छात्रों के अधिकार, बेरोजगारी, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे कई मुद्दे उठाए गए।

मार्च की शुरुआत जेपी गोलंबर से हुई। कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा झंडा थामे पैदल आगे बढ़ रहे थे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से हुई फायरिंग का था। इसके अलावा नीट पेपर लीक मामला, लंबित परीक्षाएं और भर्तियां तथा बिहार की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी आवाज उठाई गई। तेजस्वी यादव के साथ उनकी बड़ी बहन और लोकसभा सांसद मीसा भारती भी मौजूद रहीं।

इनकम टैक्स गोलंबर के पास पहुंचते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेडिंग लगाई गई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस कार्रवाई से नाराज कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकीं। कुछ प्रदर्शनकारी लकड़ी की एके-47 की नकल लेकर भी पहुंचे थे। पुलिस के एएसपी लॉ एंड ऑर्डर ने जवानों को झंडे का सम्मान करते हुए लाठी का इस्तेमाल समझदारी से करने के निर्देश दिए।

इस दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया और उन्हें गाड़ी में बैठा दिया। हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारा मार्च राजभवन तक था, लेकिन हमें इनकम टैक्स गोलंबर पर ही रोक दिया गया। इस सरकार के खिलाफ हम लड़ते रहेंगे। हम जेल से डरने वाले नहीं हैं। हमारे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी जेल में ही हुआ था। जो सत्ता में आया है, उसका जाना तय है।” उन्होंने आगे कहा, “जब तक छात्रों के साथ न्याय नहीं होता, तब तक हम लड़ाई लड़ेंगे। छात्रों के हक, बेरोजगारी मिटाने, पेपर लीक रोकने, पारदर्शी परीक्षा, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए हम लगातार आवाज उठाते रहेंगे।”

वाटर कैनन के इस्तेमाल पर तेजस्वी यादव ने सीधा हमला करते हुए कहा कि यह सब सम्राट चौधरी के आदेश पर हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। जनता जाग चुकी है और सड़कों पर है। अब सरकार को झुकना ही पड़ेगा।

मीसा भारती ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे 20-25 दिन बीत गए हैं, लेकिन सरकार अभी तक नहीं जागी। सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने एके-47 के इस्तेमाल को माना था। मीसा भारती ने सवाल किया कि एके-47 लेकर प्रदर्शन में जाने की अनुमति किसने दी। अगर डीएम या एसपी ने दी थी तो उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को “हत्यारी सरकार” तक कह डाला और आरोप लगाया कि यह आम लोगों और युवाओं के भविष्य की हत्या कर रही है।

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि छात्र और युवा पूरे देश में, खासकर बिहार में आक्रोशित हैं। परीक्षा लीक यहां परंपरा बन गई है। बेरोजगारी की मार युवा झेल नहीं पा रहे। समाधान के लिए यह मार्च निकाला गया है। एके-47 के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी, यह सवाल अब भी बाकी है। उन्होंने कहा कि जब जनता अपना दम दिखाती है तभी बदलाव होता है और बिहार का युवा हार नहीं मानेगा।

तेजस्वी यादव करीब पांच साल बाद सड़क पर इस स्तर का संघर्ष करने उतरे हैं। इससे पहले 2021 में बिहार सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ वे सड़क पर आए थे। बुधवार का यह प्रदर्शन छात्रों के मुद्दे को लेकर आरजेडी की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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