रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बारना गांव में स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों (Gen Alpha) का गुस्सा फूट पड़ा। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी से नाराज ग्राम विकास समिति, शाला विकास समिति, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी। सोमवार को करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन बच्चे और ग्रामीण छाता लेकर अपनी मांग पर डटे रहे।
धमतरी से करीब 35 किलोमीटर दूर बारना के इस स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 175 विद्यार्थी पढ़ते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए फिलहाल सिर्फ पांच शिक्षक हैं। हिंदी, अंग्रेजी, रसायन, भूगोल और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षकों की लंबे समय से कमी बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवेदन और शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन को पहले ही 16 अगस्त तक शिक्षकों की व्यवस्था करने का अल्टीमेटम दिया था। मांग पूरी नहीं होने पर 17 अगस्त से स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी दी गई थी।
बारिश में छाता लेकर प्रदर्शन करते रहे बच्चे
सोमवार को तय समय तक पर्याप्त शिक्षक नहीं आने पर ग्रामीणों ने स्कूल में ताला लगा दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए। लगातार बारिश के बावजूद बच्चे छाता लेकर स्कूल के सामने खड़े रहे।
इस दौरान बच्चों ने ‘रघुपति राघव राजा राम, शिक्षक की व्यवस्था कर भगवान’ जैसे नारे लगाए। विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर उनकी पढ़ाई और परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है।
एक छात्र ने कहा, ‘आखिर कब तक यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई करेंगे? अगर पढ़ाई ऑनलाइन वीडियो से ही करनी है तो स्कूल आने का क्या फायदा?’ विद्यार्थियों का कहना है कि शिक्षक के सामने बैठकर पढ़ने और अपनी शंकाओं का समाधान करने से पढ़ाई बेहतर तरीके से समझ आती है।
एक शिक्षक की व्यवस्था हुई तब धरना हुआ खत्म
करीब पांच घंटे के प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग की ओर से तत्काल एक शिक्षक की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) लीलाधर चौधरी ने बताया कि स्कूल में मुख्य रूप से अंग्रेजी, रसायन और सामाजिक विज्ञान विषय के शिक्षकों की जरूरत बताई गई है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक विज्ञान और हिंदी विषय के लिए एक शिक्षक ने सोमवार को ही कार्यभार ग्रहण किया है। वहीं अंग्रेजी और रसायन के शिक्षकों की व्यवस्था के लिए जिला कार्यालय से चर्चा की गई है। इसके बाद छात्रों ने धरना खत्म किया।
BEO के मुताबिक, आगामी एक सप्ताह में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शिक्षकों की कमी दूर करने का प्रयास किया जाएगा। शासन स्तर पर नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपलब्धता के अनुसार स्कूल में स्थायी शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। स्थानांतरण की प्रक्रिया में भी बारना स्कूल की जरूरत को ध्यान में रखने का आश्वासन दिया गया है।







