Twisha Sharma Case: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह पर दहेज हत्या का आरोप, सीबीआई ने 636 पेज की चार्जशीट दाखिल की

लेंस डेस्क। मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने कोर्ट में 636 पेज की चार्जशीट पेश कर दी है। इसमें दोनों आरोपियों सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगाया गया है।

सीबीआई ने जांच के दौरान करीब 150 गवाहों से पूछताछ की। चार्जशीट और संबंधित दस्तावेजों की औपचारिक प्रक्रिया अभी चल रही है।

क्या-क्या धाराएं लगाई गईं

सीबीआई ने दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) यानी दहेज हत्या, धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) लगाई है। साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 भी शामिल की गई हैं।

ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि चार्जशीट में क्रूरता के आरोपों की पुष्टि हुई है।

दूसरे पोस्टमॉर्टम और कॉल डिटेल पर सवाल

दिल्ली एम्स के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया था। बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी थी।

आशीष शर्मा के अनुसार, चार्जशीट के शुरुआती संक्षिप्त दस्तावेजों में दूसरे पोस्टमॉर्टम का स्पष्ट जिक्र नहीं है। मुख्य दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति साफ होगी। उन्होंने मामले से जुड़े अधिकारियों की दो-तीन दिन की कॉल डिटेल की जांच की मांग भी की है, ताकि यह पता चल सके कि जांच प्रभावित करने की कोई कोशिश हुई या नहीं।

लैपटॉप और वॉइस सैंपल

3 अगस्त की सुनवाई में सीबीआई ने आरोपी समर्थ सिंह का वॉइस सैंपल लेने और उनके लैपटॉप का पासवर्ड देने की मांग की थी। समर्थ सिंह के वकील ने लैपटॉप का पासवर्ड देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। वॉइस सैंपल को लेकर उन्होंने शर्त रखी कि उसकी एक कॉपी सुरक्षित रूप से कोर्ट में रखी जाए।
सीबीआई का कहना है कि डिजिटल सबूतों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के लिए ये दोनों चीजें जरूरी हैं।

ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठने के बाद हाईकोर्ट ने दिल्ली एम्स से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे। मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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