नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख आंदोलनकारी चाहतों से व्यक्तिगत मुलाकात करने को कहा है। राहुल का यह पत्र रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन से जुड़ा है। राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से छात्रों की मांग पर गौर करने और सही कदम उठाने की गुजारिश की है।
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन को भेजे पत्र में लिखा, “कांग्रेस पार्टी का मानना है कि भारत के संविधान में दिया गया शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हमारे लोकतंत्र के मुख्य स्तंभों में से एक है। इसलिए, हमने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन दिया है।”
राहुल ने आगे कहा, “हमारा यह भी मानना है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था पर आरएसएस और बीजेपी का कब्जा हो गया है और इसे छात्रों के शोषण और दमन का जरिया बना दिया गया है।”उन्होंने कहा कि यह अब वैसा मजबूत नॉलेज सिस्टम नहीं रहा, जैसा एक दशक पहले हुआ करता था।
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से कहा, “आप जानते हैं, झारखंड में छात्र राज्य भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ भी विरोध कर रहे हैं। उनका विरोध शांतिपूर्ण रहा है और उनकी मांगें जायज हैं। मैं इस बात की सराहना करता हूं कि झारखंड सरकार ने आपके द्वारा बनाई गई एक कमेटी के जरिए उनसे बातचीत शुरू की है।”
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि छात्रों द्वारा उठाई गई कई मांगों पर सहमति भी बनी है। हालांकि, विरोध जारी है और कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मैं आपको यह सुझाव देने के लिए लिख रहा हूं कि आप व्यक्तिगत रूप से विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से मिलें।इससे उनकी बाकी चिंताओं को दूर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।”
राहुल गांधी ने हिंदुस्तान के मुस्तकबिल की बात करते हुए कहा, “भारत के युवा ही इसका भविष्य हैं। संकट की इस घड़ी में हमें उनके साथ एकजुटता दिखानी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए। कृपया उनकी बात सुनने और इस मुद्दे के समाधान के लिए उचित कदम उठाने की पूरी कोशिश करें।”
छात्रों और सरकार के बीच बातचीत
16 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों के द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पुतले दहन के बाद झारखंड सरकार ने छात्रों को एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया है। सरकार और छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। आज की बैठक को आंदोलन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रोटेस्टर्स को आज यानी 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे बातचीत के लिए सरकार की तरफ से बुलाया गया है.अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर द्वारा छात्रों को इस प्रस्ताव की जानकारी दी गई।











