लेंस न्यूज़। नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाली Cockroach Janata Party (CJP) ने एक बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि सितंबर में नेशनवाइड कैंपेन ‘क्या बोलती पब्लिक’ शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत वे गांव-शहर जाकर युवाओं से बात करेंगे। बेरोजगारी और महंगी शिक्षा प्रमुख मुद्दे होंगे।
अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी की विचारधारा देश के संविधान की विचारधारा है। पार्टी पारंपरिक चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी। इसका मकसद समाज सेवा और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जवाबदेही तय करना है। यह एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगी।
अभियान में क्या होंगे मुद्दे?
दीपके ने बताया कि शिक्षा सुधार पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा को मुनाफा कमाने का जरिया बना दिया गया है, इसे बदलना जरूरी है। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस कम कराने और सरकारी स्कूलों को सुधारने पर काम किया जाएगा।
दूसरा बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। दीपके के मुताबिक, 35 साल से कम उम्र के युवाओं में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है। डिग्रीधारक भी बेरोजगार हैं। न्याय व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाना तथा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं में जनता का भरोसा बहाल करना भी एजेंडे में शामिल है।
CJP ने नीट पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से 25 जुलाई तक लगातार 36 दिनों तक जंतर-मंतर पर धरना दिया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई हुई थी। 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद धरना समाप्त किया गया।
यह संगठन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था, जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की गई थी। अभिजीत दीपके ने इसे व्यंग्य के रूप में लिया और अभियान शुरू किया, जो बाद में संगठित छात्र आंदोलन बन गया। दीपके ने कहा कि अब पब्लिक की आवाज सुनने का समय आ गया है। अगर आवाज नहीं सुनी गई तो लोग सड़कों पर उतरेंगे।








