बीजापुर। भोपालपट्टनम ब्लॉक के ग्राम संगमपल्ली में प्रस्तावित शासकीय (Liquor shop) के विरोध में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि जिस गांव में बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार के अवसर और बुनियादी सुविधाओं की मांग वर्षों से पूरी नहीं हो पाई, वहां शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया आश्चर्यजनक तेजी से आगे बढ़ रही है। लोगों का सवाल है कि क्या सरकार को स्कूल, अस्पताल और रोजगार से ज्यादा चिंता शराब की बिक्री बढ़ाने की है?
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक माहौल बिगड़ेगा, घरेलू हिंसा और नशे की समस्या बढ़ सकती है तथा युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। इसके बावजूद यदि सरकार गांव की आपत्तियों को दरकिनार कर शराब दुकान खोलने पर अड़ी है, तो यह जनभावनाओं की अनदेखी होगी।
जहां एक ओर कई गांव शिक्षक, डॉक्टर, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक गुहार लगाते रहते हैं, वहीं शराब दुकान खोलने के प्रस्ताव अपेक्षाकृत तेजी से जमीन पर उतरते दिखाई देते हैं। ऐसा लगता है मानो विकास का नया पैमाना यह हो गया है कि गांव में स्कूल हो या न हो, लेकिन शराब की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।
संगमपल्ली खुले इस शराब दुकान के विरोध मे ग्रामीणों के समर्थन मे बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी भी डटे हुए है









