रायपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए सरकारी हिस्सेदारी कम करने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में मंगलवार को देशभर में बीमा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIIEA) के आह्वान पर एलआईसी के सभी प्रमुख कार्यालयों के बाहर भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की गईं। कर्मचारियों ने एलआईसी में शत-प्रतिशत सरकारी हिस्सेदारी बनाए रखने की मांग की।
रायपुर मंडल कार्यालय में आयोजित विरोध सभा को पूर्व सांसद एवं सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियंस (CITU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तपन सेन ने संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में अपनी हिस्सेदारी लगातार कम कर रही है और एलआईसी में OFS उसी नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मजदूर और किसान संगठनों ने इन नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का फैसला किया है और 10 अगस्त को राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन आयोजित किया जाएगा।
तपन सेन ने कहा कि निजी कंपनियों के लिए बीमा क्षेत्र खोले जाने के बावजूद एलआईसी आज भी बाजार में अग्रणी संस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता के कारण एलआईसी ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है, लेकिन सरकार सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और बीमा क्षेत्रों में निजीकरण को लेकर भी चिंता जताई।
AIIEA के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज महापात्र ने कहा कि सरकार योजनाबद्ध तरीके से एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। उन्होंने बताया कि मई 2022 में आईपीओ के माध्यम से 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जा चुकी है और अब OFS के जरिए हिस्सेदारी का एक और हिस्सा बाजार में उतारने की तैयारी है।
महापात्र ने कहा कि एलआईसी देश के करीब 29 करोड़ पॉलिसीधारकों की बचत का प्रबंधन करती है और लगभग 59 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2026 में एलआईसी ने केंद्र सरकार को 12,207 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। उनके अनुसार, इतनी मजबूत वित्तीय स्थिति के बावजूद केवल राजकोषीय घाटा कम करने के लिए सरकारी हिस्सेदारी बेचना उचित नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया रोकने, एलआईसी में 100 प्रतिशत सरकारी स्वामित्व बनाए रखने, सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने और नई भर्तियां शुरू करने की मांग उठाई।
रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्प्लॉइज यूनियन के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, शहडोल, सतना और जबलपुर सहित 140 इकाइयों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। रायपुर की सभा की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष राजेश पराते ने की, जबकि संचालन महासचिव गजेंद्र पटेल ने किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने का ऐलान किया।






