मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Bullet Train) पर नया विवाद, जापानी पूर्व मंत्री ने भारत को ठहराया जिम्मेदार

नई दिल्ली। महज 17 दिन पहले, 2 जुलाई को भारत-जापान शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने बुलेट ट्रेन (Bullet Train) परियोजना को आगे बढ़ाने का भरोसा जताया था। अब जापान के एक पूर्व मंत्री ने सीधे भारत सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि परियोजना में देरी की जड़ भारतीय पक्ष का बार-बार वादों से मुकरना और समझौतों से पीछे हटना है।

जापान के पूर्व मंत्री माकिहारा हिदेकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में दावा किया कि वे स्वयं भारत की मुंबई-अहमदाबाद शिंकानसेन (Bullet Train) परियोजना से जुड़े रहे हैं। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बैठकों और वार्ताओं के दौरान भारतीय पक्ष का रवैया अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना था।

माकिहारा ने आरोप लगाया कि भारतीय प्रतिनिधि बार-बार अपने वादों से पीछे हटते रहे और समझौते होने के बाद भी उन्हें बदलते रहे। उनका कहना है कि भारतीय पक्ष अंतिम समय तक केवल अपने हितों को आगे बढ़ाने की कोशिश करता रहा।


पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय परियोजना से जुड़े भारतीय मंत्री का रवैया भी बेहद खराब था। उनके अनुसार, यदि शीर्ष स्तर का नेतृत्व ही इस प्रकार का हो तो किसी भी अच्छे और भरोसेमंद समझौते की उम्मीद नहीं की जा सकती।


उन्होंने लिखा कि परियोजना पर काम करने वाले जापानी अधिकारियों और विशेषज्ञों के सम्मान में वे यह कहना जरूरी समझते हैं कि उनके अनुसार इस परियोजना में आई रुकावटों की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष पर है।

जापानी मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला

माकिहारा ने अपनी पोस्ट में जापान के एक जाने–माने आर्थिक समाचार प्लेटफॉर्म Toyo Keizai Online में प्रकाशित एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की शिंकानसेन परियोजना में सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जापानी सिग्नलिंग प्रणाली को शामिल नहीं किए जाने से दोनों देशों के बीच मतभेद पैदा हुए।

हालांकि, इस विषय पर भारत सरकार या जापान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

दोनों सरकारों का आधिकारिक रुख आरोपों से अलग

माकिहारा के आरोपों के विपरीत, 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना को दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए इसे आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

संयुक्त वक्तव्य में जापान ने भारत के उस लक्ष्य का भी समर्थन किया, जिसके तहत 2027 तक परियोजना के पहले खंड को चालू करने की योजना है। दोनों देशों ने हाई-स्पीड रेल सहयोग को आगे भी मजबूत करने पर सहमति जताई।

अब तक भारत सरकार और राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Nhsrcl) परियोजना में देरी के लिए कई कारण बताते रहे हैं।

इनमें प्रमुख हैं—

– महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण में हुई लंबी देरी
– कोविड-19 महामारी का असर
– निर्माण लागत और समय-सीमा में वृद्धि
विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियों में लगा समय

इन कारणों का उल्लेख केंद्र सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों द्वारा पहले भी सार्वजनिक रूप से किया जाता रहा है।

परियोजना पर काम जारी

परियोजना पर निर्माण कार्य जारी है। भारत और जापान के बीच यह सहमति भी बनी है कि परीक्षण और निरीक्षण के लिए जापान भारत को E5 तथा E3 शिंकानसेन ट्रेनसेट उपलब्ध कराएगा। भविष्य में अगली पीढ़ी की E10 शिंकानसेन तकनीक पर भी दोनों देशों के बीच सहयोग की योजना है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

माकिहारा हिदेकी की सोशल मीडिया पोस्ट पर अब तक भारत सरकार, राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Nhsrcl) या जापान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि माकिहारा हिदेकी के आरोप उनकी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित हैं और The Lens माकिहारा हिदेकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।।

लेकिन बुलेट ट्रेन परियोजना पर जापान के पूर्व मंत्री के आरोपों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह एक व्यक्ति की निजी राय है, जिसका तथ्यों से काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना पर भारत और जापान के बीच बातचीत और सहयोग सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now