लेंस डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान से जुड़े पांच तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। US attacked Iran
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में चार और खार्ग द्वीप के पास एक तेल टैंकर को निशाना बनाया। ये टैंकर ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े शैडो नेटवर्क का हिस्सा बताए गए जो अरबों डॉलर का फंड जुटाता है।
हमले से पहले चालक दल को जहाज खाली करने का निर्देश दिया गया था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमले की दो कोशिशों के जवाब में की गई।
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर 20 मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 18 मिसाइलों को मार गिराया। दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में 10 जहाजों पर हमले का भी दावा किया है, जिनमें दो अमेरिकी जहाज शामिल हैं। साथ ही उसने एक अमेरिकी सब-मरीन ड्रोन पकड़ने की बात कही और उसकी तस्वीर जारी की।
खार्ग द्वीप की अहमियत
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है। देश के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। यहां किसी भी सैन्य कार्रवाई से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिकी जहाजों पर हमले की कोशिश का जवाब दिया जाएगा। ईरान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास कुछ टैंकरों को चेतावनी दी है कि चालक दल जहाज खाली कर दें।










