रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरिया जिले के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश कर दी है। करीब दो सप्ताह पहले हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर प्रदेशभर में बढ़ते जनआक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच राज्य सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है।
दरअसल, रेत कारोबार के विवाद को लेकर हुए इस हत्याकांड में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की कथित तौर पर स्कॉर्पियो वाहन में बंद कर जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
मामले में अब तक पुलिस 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, आरोपियों को संरक्षण दिए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच की मांग कर रहा था।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बैकुंठपुर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए क्षेत्रीय विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख विक्रमादित्य सिंह जूदेव ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पुलिसकर्मियों पर आरोपियों को संरक्षण देने की आशंका जताई थी।
इन घटनाक्रमों और लगातार उठ रही मांगों के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश कर दी। अब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सीबीआई इस मामले में नया प्रकरण दर्ज कर अपनी जांच शुरू करेगी।
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से घटना के सभी पहलुओं का खुलासा होगा और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।









