लेंस डेस्क। सऊदी अरब के प्रमुख तेल केंद्र रास तनुरा में रविवार सुबह सऊदी अरामको का एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक सऊदी अरब के नागरिक थे। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) और ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार हादसा स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे हुआ। अभी तक दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने तुरंत उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने हादसे की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है ताकि दुर्घटना के सही कारण सामने आ सकें। रास तनुरा सऊदी अरब का महत्वपूर्ण औद्योगिक और तेल निर्यात केंद्र है। यह क्षेत्र अरामको के लिए खासा अहम है।
हादसा कब और क्यों हुआ?
यह दुर्घटना ऐसे समय हुई है जब अरामको ने कुछ दिन पहले ही रास तनुरा के ऑयल टर्मिनल से कच्चे तेल की लोडिंग दोबारा शुरू की थी। यह टर्मिनल पिछले चार महीने तक बंद रहा था। बंदी का कारण पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चला संघर्ष था। हाल ही में शांति समझौते के बाद गतिविधियां बहाल की गई थीं।
सऊदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। यह पूरी तरह सऊदी सरकार के स्वामित्व में है। कंपनी का मुख्यालय धहरान में है। अरामको प्रतिदिन लाखों बैरल तेल का उत्पादन करती है और दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक का नियंत्रण रखती है।

कंपनी सिर्फ तेल उत्पादन तक सीमित नहीं है बल्कि रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और गैस क्षेत्र में भी सक्रिय है। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था काफी हद तक अरामको पर निर्भर करती है। 2019 में कंपनी का आईपीओ इतिहास का सबसे बड़ा शेयर बाजार लिस्टिंग था।
अभी तक हेलीकॉप्टर का मॉडल या क्रैश की वजह सामने नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।











