अयोध्या। राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे की चोरी के मामले में यूपी पुलिस ने रविवार सुबह सख्त कार्रवाई की। पुलिस की कई टीमों ने सुबह 7 बजे आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। सभी 8 आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। पुलिस संपत्ति दस्तावेज, बैंक डिटेल्स और चोरी के सामान की तलाश में जुट गई है।
पुलिस की 6 से 8 टीमें अलग-अलग जगहों पर पहुंचीं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के स्वर्गद्वार मोहल्ले स्थित दो मंजिला घर पर ताला लगा मिला। कुछ देर बाद उनकी मां मौके पर पहुंचीं और ताला खोला। पुलिस ने अंदर जाकर तलाशी ली और परिवार से पूछताछ की। टिन्नू के भतीजे मनीष यादव के घर पर भी ताला लगा था। पुलिस ने किराएदारों और पड़ोसियों से उनकी जानकारी जुटाई। सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के अंजनीपुरम स्थित घर पर भी कोई नहीं मिला। पड़ोसियों से उनकी संपत्ति और जीवनशैली के बारे में सवाल किए गए।
अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी घर पर पुलिस ने भारी बल तैनात किया। मां ने दरवाजा खोला। पुलिस ने अंदर जाकर दस्तावेज खंगाले और परिवार के बयान दर्ज किए। लवकुश मिश्रा के रुदौली घर के बाहर उनके दादा जगदंबा मिश्रा (72) से पूछताछ की गई। अविनाश शुक्ला के घर पर कोई नहीं मिला। पड़ोसियों ने बताया कि वे किराए पर रहते थे और योगा सेंटर से जुड़े थे। पुलिस राजस्व अधिकारियों (लेखपाल) को भी साथ लेकर गई थी ताकि संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की सही जांच हो सके।
मामला कब और कैसे सामने आया?
यह पूरा मामला 7 जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों को नामजद किया गया। अगले दिन 26 जून को कोर्ट ने सभी को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ट्रस्ट में हलचल
मामले के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने पुष्टि की कि इस्तीफे पर 11 जुलाई की बैठक में विचार होगा। उन्होंने भक्तों को आश्वासन दिया कि चांदी की ईंटें और सोने-चांदी के आभूषण सुरक्षित हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर में बड़ी डकैती हुई है। यह पूरे राष्ट्र से जुड़ा मामला है और बीजेपी जिम्मेदार है।वहीं RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि SIT जांच कर रही है। अगर कोई गड़बड़ी हुई तो अपराधियों को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं बताई। श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रख सकते हैं।









