ग्राउंड रिपोर्ट: नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई की प्रशासन ने की तैयारी, ग्रामीणों में भारी बेचैनी और आक्रोश

रायपुर। अवैध कब्जे हटाने के लिए रायपुर के नकटी (Nakti) गांव में कल बुलडोजर कार्रवाई होने वाली है। प्रशासनिक सूत्रों ने द लेंस को बताया कि अवैध कब्जे हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

नकटी गांव के ग्रामीण आज बेहद परेशान हैं। उन्होंने लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई लेकिन सांसद इस मामले में खुलकर ग्रामीणों के पक्ष में नहीं दिखे।

उन्होंने कहा कि जो कब्जा अवैध है उस पर प्रशासन कार्रवाई करेगा। सरकारी योजनाओं पर अमल किया जाएगा और ग्रामीणों को हटाया जाएगा जिनके पास आवास नहीं है, उन्हें विस्थापित किया जाएगा।जब सांसद से सवाल किया गया कि क्या यहां विधायक कॉलोनी बनेगी, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, ‘अभी यह तय नहीं है कि वहां क्या बनेगा, लेकिन अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलना तय है।’

वारंट जारी, 48 घंटे का अल्टीमेटम

इससे एक दिन पहले 26 जून 2026 को अतिरिक्त कलेक्टर के स्तर से सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए वारंट जारी किया गया था। ग्रामीणों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। 26 जून की रात को प्रशासन की टीम गांव पहुंची और नोटिस चस्पा किए, जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है।

द लेंस से बातचीत में ग्रामीणों ने अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि कहीं उनका घर-बार उजड़ न जाए। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अवैध कब्जे के खिलाफ है, लेकिन गांववासियों में भय और आक्रोश साफ नजर आ रहा है।

नकटी गाँव के ग्रामीण 2 ट्रैक्टर के ज़रिये सांसद बृजमोहन अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे, जहाँ सांसद ने आश्वासन तो दिया लेकिन पिछली बार की तरह मजबूती से ग्रामीणों के साथ खड़े नज़र नहीं आये, सुनिए क्या कहा सांसद ने और ग्रामीणों के आक्रोश को इस वीडियो में सुनें

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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