रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी (Nakati) गांव में एक बार फिर 85 मकानों पर बेदखली की तलवार लटक गई है।
अतिरिक्त तहसीलदार रायपुर की ओर से 25 जून 2026 को सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए बेदखली वारंट जारी किया गया है। हालांकि प्रशासनिक टीम यह नोटिस 26 जून की रात को गांव में चस्पा करने पहुंची, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने नोटिस ऐसे समय पर लगाया, जब 26 जून को मोहर्रम की सरकारी छुट्टी थी और उसके बाद शनिवार व रविवार का अवकाश है। इससे लोगों को अपनी बात रखने या कानूनी विकल्प तलाशने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इसी वजह से नोटिस की टाइमिंग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
विधायक कॉलोनी के लिए तोड़े जाने हैं मकान
ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं, लेकिन अब विधायक कॉलोनी के विस्तार के लिए उनके घरों को हटाने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि शासकीय है और न्यायालय के आदेश के तहत कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
बेदखली वारंट में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित लोगों को 48 घंटे के भीतर सरकारी जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन बलपूर्वक कब्जा हटाने की कार्रवाई करेगा और उसका खर्च भी कब्जाधारियों से वसूला जाएगा।
पिछले साल भी हुआ था विरोध, सांसद ने दिया था आश्वासन
यह पहला मौका नहीं है जब नकटी गांव के लोगों पर बेदखली का संकट आया हो। पिछले साल मई-जून में भी प्रशासन ने मकान हटाने की कोशिश की थी।
उस समय ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद तत्कालीन सांसद और वर्तमान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने हस्तक्षेप करते हुए लोगों को आश्वासन दिया था कि उनके मकान नहीं तोड़े जाएंगे। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई थी।
लेकिन एक साल बाद फिर से नोटिस जारी होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पहले दिए गए आश्वासन के बावजूद प्रशासन फिर वही कार्रवाई करने पहुंच गया है।
सांसद से मिलने पहुंचे ग्रामीण, नहीं हो सकी मुलाकात
नोटिस चस्पा होने के बाद गांव से महिला और पुरुषों सहित दो ट्रैक्टर भरकर ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिलने उनके निवास पहुंचे। हालांकि सांसद उस समय उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद सांसद के निजी सहायक (PA) ने ग्रामीणों को 27 जून दोपहर 2:30 बजे मिलने का समय दिया।
बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह बैठक सांसद के बंगले में होगी, जहां पूरे मामले पर चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल भी कर चुके हैं अपील
इस मामले को लेकर पहले भी राजनीतिक हस्तक्षेप हो चुका है। पिछले वर्ष पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर नकटी गांव के लोगों के मकान नहीं तोड़ने की अपील की थी। उन्होंने वर्षों से रह रहे परिवारों के पुनर्वास और मानवीय आधार पर समाधान निकालने की मांग की थी।
क्या कहता है नोटिस?

अतिरिक्त तहसीलदार रायपुर की ओर से जारी बेदखली वारंट में कहा गया है कि न्यायालय के आदेश के तहत ग्राम नकटी, पटवारी हल्का नंबर-77 स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए पहले भी नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, इसलिए संबंधित लोगों को अंतिम अवसर देते हुए 48 घंटे में भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश का पालन नहीं होने पर प्रशासन पुलिस बल की मौजूदगी में बेदखली की कार्रवाई करेगा।








