रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने में कांग्रेस (Congress) जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज होने के बाद पूरा कांग्रेस संगठन एक मंच पर नजर आ रहा है। एक स्थानीय कार्रवाई के बाद प्रदेश कांग्रेस अपनी मांगों के साथ सड़कों पर ही धरने पर बैठ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
दरअसल, स्थानीय निकाय के चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा कार्यकर्ता और कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद और गाली-गलौज के आरोपों के बाद पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया के दौरान विपक्ष को दबाने की कोशिश बता रही है।
प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सोमवार से ही थाने के सामने धरने पर बैठे हैं। वे फर्जी एफआईआर रद्द करने और थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग के साथ धरने पर बैठे हैं।
दीपक बैज साथ पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी थे। जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव अपने कोरबा दौरे से सीधे विश्रामपुर पहुंचकर धरने में शामिल हुए। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी भिलाई से करीब 5 घंटे का सफर तय कर धरनास्थल पहुंचे। सूर्यास्त तक अगर पुलिस मांगे पूरी नहीं करती है तो दीपक बैज और टीएस सिंह देव सूर्यास्त के बाद भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस का ‘अनिश्चितकालीन धरना’ अब सिर्फ स्थानीय विरोध नहीं रह गया है, बल्कि पार्टी इसे भाजपा सरकार, पुलिस कार्रवाई और कथित राजनीतिक दमन के खिलाफ बड़ी लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। धरनास्थल से जारी संदेशों में कांग्रेस नेताओं ने इसे ‘लोकतंत्र बचाने की लड़ाई’ बताया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा को इस बात का एहसास हो गया है कि वह चुनाव हार रही है, इसलिए वह सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस इस कुचक्र का डटकर मुकाबला करेगी।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने धरने में शामिल होकर कहा कि चुनावी माहौल में कांग्रेस नेताओं को परेशान करने के लिए FIR का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस तरह का अड़ियल रवैया सूरजपुर पुलिस प्रशासन का दिख रहा है और शाम 6 बजे तक यदि हमारी मांगों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो हम भूख हड़ताल करेंगे।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। वहीं भाजपा की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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