छत्तीसगढ़ BJP में बड़े बदलाव के संकेत, संगठन और सत्ता में संतुलन साधने की तैयारी तेज

Arun Sao

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा (Chhattisgarh BJP) में आने वाले समय में बड़े संगठनात्मक और राजनीतिक बदलावों के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुधवार को आयोजित प्रदेश कार्यसमिति और कोर कमेटी की बैठकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी अब 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतिक तैयारी में जुट गई है।

बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री पवन साय, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित प्रदेशभर के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।

प्रदेश कार्यसमिति को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि भाजपा की वैचारिक यात्रा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और समरस समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत को वैचारिक विजय बताते हुए कहा कि ‘भारत को वैभवपूर्ण और आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य है। विकास और सुशासन के साथ 140 करोड़ भारतीयों में सांस्कृतिक गौरव का भाव स्थापित करना भाजपा की राजनीतिक यात्रा का उद्देश्य है।’

राजनीतिक हलकों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज है। हालांकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा बरकरार माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार 2 से 4 मंत्रियों के विभागों या चेहरों में बदलाव हो सकता है। पार्टी इस बार अपेक्षाकृत नए चेहरों को आगे लाने के मूड में दिखाई दे रही है। जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, सुशांत शुक्ला और सरगुजा क्षेत्र की किसी महिला आदिवासी विधायक का नाम प्रमुख है।

कोर कमेटी में नए चेहरे, कई दिग्गज रहे दूर

भाजपा की कोर कमेटी में इस बार मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को शामिल किया गया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे कई वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल नहीं हुए।

इन गैरहाजिरियों के बाद पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव और नई टीम तैयार किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कोर कमेटी के पुनर्गठन की पुष्टि करते हुए इसे संगठनात्मक प्रक्रिया बताया।

बृजमोहन का बयान बना चर्चा का विषय

कोर कमेटी से हटाए जाने की अटकलों के बीच सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने साफ कहा कि “जब तक मैं सक्रिय हूं, मुझे कोई किनारे नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि वे 10 वर्षों तक कोर ग्रुप में रहे और अब नए लोगों को जिम्मेदारी देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा वरिष्ठ और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनविश्वास बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा कर प्रदेश सरकार ने जनता का भरोसा जीता है।

मुख्यमंत्री ने नक्सल उन्मूलन को डबल इंजन सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने “नियद नेल्लानार योजना” और पुनर्वास नीति का जिक्र करते हुए कहा कि केवल नक्सलवाद खत्म करना पर्याप्त नहीं था, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास पहुंचाना भी सरकार का लक्ष्य रहा।

भाजपा की नजर अब 2028 के सामाजिक समीकरणों पर

प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अब अगले विधानसभा चुनाव के लिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति बना रही है।

महिला नेतृत्व, आदिवासी प्रतिनिधित्व और ओबीसी समीकरणों को लेकर भी पार्टी में मंथन जारी है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंडी और रेणुका सिंह जैसे नामों की चर्चा डिप्टी सीएम स्तर की संभावनाओं के रूप में हो रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा महिला प्रतिनिधित्व, आदिवासी वोट बैंक और सरगुजा-बस्तर क्षेत्रीय संतुलन को साधने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

ई-रिक्शा में पहुंचे नेता, कारकेड संस्कृति पर भी संकेत

बैठक के दौरान भाजपा नेताओं का ई-रिक्शा से पहुंचना भी चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री साय ने संकेत दिया कि भविष्य में कारकेड संस्कृति में कटौती की जाएगी। इसे भाजपा की सादगी और जनआधारित राजनीति की नई छवि बनाने की कोशिश माना जा रहा है।

प्रदेश कार्यसमिति में पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी और केरल में भाजपा की चुनावी सफलता का विशेष उल्लेख किया गया। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते जनाधार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के भरोसे का परिणाम बताया।

राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा अब “विकसित भारत” के साथ “विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।

नक्सल उन्मूलन पर प्रस्ताव पारित

बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल उन्मूलन प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। प्रस्ताव में कहा गया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन का संकल्प डबल इंजन सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से संभव हुआ।

भाजपा ने इसे देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए नक्सलवाद का सफाया जरूरी था।

कुल मिलाकर भाजपा की यह बैठक केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे यह संकेत साफ मिला कि पार्टी अब समय रहते संगठन, सत्ता और सामाजिक समीकरणों में बदलाव कर भविष्य की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की तैयारी में जुट चुकी है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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