रायपुर। छत्तीसगढ़ की दल्ली राजहरा (Dalli Rajhara) आयरन ओर माइंस में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। बीएसपी की सीवरेज लाइन में पाइप बिछाने के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में तीनों मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है।
हादसा राजहरा नगर के दास पान ठेला चौक के पास हुआ, जहां लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में मजदूर सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी खिसक गई और मजदूर उसके नीचे दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही कांकेर सांसद भोजराज नागर भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य की निगरानी करते रहे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश देने के बाद ही राहत और बचाव कार्य में तेजी आई।
सांसद ने कहा, ‘यह बेहद भयावह और हृदय विदारक घटना है। प्रथम दृष्टया लापरवाही भी सामने आ रही है। सरकार से हरसंभव सहायता दिलाने की कोशिश की जाएगी। मैं लगातार मौके पर मौजूद हूं और पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा हूं।’
उन्होंने बताया कि वे वापस घर लौट रहे थे, तभी उन्हें घटना की जानकारी मिली और वे सीधे घटनास्थल पहुंच गए।
हादसे में मृत मजदूरों की पहचान किशुन कुमार, राकेश कुमार और महिला मजदूर बैशाखिन के रूप में हुई है। हालांकि देर शाम तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा था।
घटनास्थल पर एसडीएम सुरेश साहू समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी आधिकारिक तौर पर घटना पर बयान देने से परहेज किया। वहीं भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन की ओर से भी देर शाम तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे में तीन से अधिक लोग भी दबे हो सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मौके पर भारी भीड़ जमा होने से रेस्क्यू अभियान में भी दिक्कतें आईं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर मोर्चा संभाले रहीं और भीड़ नियंत्रण के साथ बचाव कार्य की निगरानी करती रहीं।
फिलहाल हादसे के कारणों और निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जांच की बात कही जा रही है।








