रायपुर। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम उत्पादों और कृषि उर्वरकों की स्थिति को लेकर आज राजधानी रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में प्रमुख सचिव, कृषि विभाग श्रीमती शहला निगार, संचालक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी और इंडियन ऑयल के मंडल रिटेल सेल्स प्रमुख नितिन चव्हाण ने संयुक्त रूप से जानकारी दी और लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त बनी हुई है। इसके अलावा जुलाई 2026 से घरेलू PNG कनेक्शन शुरू किये जाने की बात भी अधिकारियों ने बताई।

LPG की आपूर्ति सामान्य स्तर पर
अधिकारियों ने बताया कि भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां (IOCL, BPCL और HPCL) ने राज्य में घरेलू एलपीजी की रोजाना 72,000 सिलेंडर की आपूर्ति बनाए रखी है। यह आंकड़ा तनाव शुरू होने से पहले के सामान्य दिनों जितना ही है। राज्य में पांच बॉटलिंग प्लांट्स पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और 539 वितरकों के माध्यम से घरों तक LPG पहुंचाई जा रही है। कम उपयोग वाले परिवारों, छात्रों, प्रवासी मजदूरों और कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ग्राहकों को बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यम (SMS, मिस्ड कॉल, IVRS) का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। फिलहाल 98 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। डिलीवरी के समय डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (DAC) के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सिलेंडर असली उपभोक्ता तक ही पहुंचे।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई

प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए कई टीमों को अप्रत्याशित छापेमारी के लिए भेजा गया है। छत्तीसगढ़ में अब तक जिला प्रशासन द्वारा 418 छापे मारे जा चुके हैं, 3,946 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 105 FIR दर्ज की गई हैं।
राज्य में कुल 2,587 पेट्रोल पंप सक्रिय हैं। इनमें पर्याप्त भंडारण व्यवस्था है और पाइपलाइन व रेल के जरिए नियमित रूप से स्टॉक की भरपाई हो रही है। वर्तमान में प्रतिदिन 5,600 किलोलीटर पेट्रोल और 9,800 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो रही है, जो सामान्य दिनों से काफी ज्यादा है। खरीफ मौसम को देखते हुए किसानों के लिए पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रखा गया है।
डीएपी की कमी को वैकल्पिक उर्वरकों से पूरा किया जाएगा
कृषि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने बताया कि डीएपी की अनुमानित कमी (लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन) को पूरा करने के लिए वैकल्पिक उर्वरकों की व्यवस्था कर ली गई है .
पिछले खरीफ सीजन में भी इसी तरीके से कमी को सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। जैव उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न जैविक उत्पादों का उपयोग हजारों हेक्टेयर में किया जा रहा है और हरी खाद के लिए 14 जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

संवेदनशील जिलों में उड़न दस्ता दलों ने अब तक 981 निरीक्षण किए हैं। 39 विक्रेताओं पर विक्रय प्रतिबंध, 151 कालाबाजारी के मामले, 7 जमाखोरी और 22 लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में 47 उड़न दस्ता दल सक्रिय हैं और पंचायत स्तर पर भी निगरानी समितियां बनाई गई हैं।
पीएनजी आपूर्ति का विस्तार तेजी से
प्रेस वार्ता में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की तैयारी की जानकारी भी दी गई। बीपीसीएल, अदानी गैस, एचसीजी और गेल कंपनियां राज्य के विभिन्न जिलों में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। जुलाई 2026 तक कई इलाकों में घरेलू कनेक्शन शुरू हो जाने की उम्मीद है।


प्रेस वार्ता के अंत में सभी अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घबराकर स्टॉक न जमा करें और न ही पेट्रोल पंपों या एलपीजी वितरकों के यहां अनावश्यक भीड़ लगाएं। उन्होंने कहा, ‘राज्य में ईंधन और उर्वरक दोनों की आपूर्ति पर्याप्त है कोई कमी नहीं है। केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।’








