रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पॉवर प्लांट में हुए भीषण हादसे (Vedanta Power Plant Accident) में अब तक 23 मजदूरों की मौत हो गई है। रायपुर के कालड़ा अस्पताल में भर्ती श्रमिक ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मृतकों की संख्या 23 पहुंच गई है।
इस हादसे की जांच के लिए पहले सक्ती कलेक्टर ने एसडीएम से जांच कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसकी औपचारिक जांच के आदेश दे दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी बिलासपुर के संभाग आयुक्त सुनील जैन को सौंपी है।
बता दें कि इस मामले में सक्ती पुलिस ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ लापरवाही से मौत काा केस दर्ज किया था।
यह दुर्घटना 14 अप्रैल को सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई थी। हादसे में 23 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े पानी की सप्लाई पाइप के जोड़ में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ, जिससे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी के रूप में बिलासपुर के आयुक्त को नियुक्त किया गया है, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल करेंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसके मूल कारण क्या थे और क्या सुरक्षा मानकों के पालन में कोई लापरवाही हुई। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जाएंगे। जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वेदांता पावर प्लांट में हुए इस हादसे के बाद औद्योगिक सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस भीषण हादसे के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।










