नोएडा श्रमिक आंदोलन और सक्ती हादसे को लेकर सीटू का देशभर में प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

CITU

रायपुर। देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक आंदोलनों पर कथित दमन और छत्तीसगढ़ के सक्ती स्थित वेदांता पॉवर प्लांट में हुए हादसे के विरोध में ट्रेड यूनियन (CITU) ने प्रदेश में प्रदर्शन किया। संगठन ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों पर श्रमिक आंदोलनों को दबाने और कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए CITU के प्रदेश सचिव धर्मराज महापात्रा ने कहा कि यह केवल औद्योगिक विवाद नहीं, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य तंत्र श्रमिकों के अधिकारों का दमन कर कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहा है।

CITU नेताओं ने बताया कि उत्तरप्रदेश के नोएडा के फेज-II में 9 अप्रैल से शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन तेजी से फैलकर ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पहुंच गया है। इस आंदोलन में लगभग 40 से 50 हजार श्रमिकों के शामिल होने का दावा किया गया है। नेताओं ने इसे देशभर के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे व्यापक श्रमिक संघर्षों का हिस्सा बताया।

नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में श्रमिकों को दिल्ली की तुलना में कम वेतन मिलता है, जबकि जीवनयापन की लागत लगभग समान है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए 26,000 रुपए प्रति माह न्यूनतम वेतन की मांग को उन्होंने आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में संविदा श्रमिकों को 10 से 13 घंटे तक काम कराया जाता है, लेकिन उन्हें ओवरटाइम, साप्ताहिक अवकाश, ईएसआई, पीएफ, बोनस और नौकरी की सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलतीं।

सीटू नेताओं ने छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर हादसे में मजदूरों की मौत पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसी दुर्घटनाएं हो रही हैं।

सीटू ने प्रदर्शन के माध्यम से कई मांगें उठाईं, जिनमें श्रमिकों और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी तुरंत रद्द करने, झूठे मामलों को वापस लेने, ट्रेड यूनियनों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता, 26,000 रुपए न्यूनतम वेतन लागू करने, 8 घंटे का कार्यदिवस और दुगुना ओवरटाइम भुगतान, संविदा श्रमिकों के साथ समान व्यवहार, कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी मांगें शामिल हैं।

साथ ही संगठन ने वेदांता प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, हादसे में मृत मजदूरों के परिजनों को एक करोड़ रुपये, घायलों को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग भी की है।

CITU नेताओं का कहना है कि श्रमिकों की आवाज को दमन से दबाया नहीं जा सकता और मजदूर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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