कोटा में तीन मंजिला इमारत ढही, दो की मौत, 13 घायल

Kota Incident: राजस्थान के कोटा शहर के तलवंडी इलाके में शनिवार रात करीब 9 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक रेस्टोरेंट चल रहा था, जहां उस वक्त ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग मलबे में दब गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इमारत गिरने से पहले एक जोरदार धमाके जैसी आवाज आई जैसे पटाखे फूट रहे हों। इसके तुरंत बाद पूरी इमारत गिर गई। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीखें और पुकार सुनाई दे रही थीं। किसी का हाथ बाहर निकला हुआ था तो किसी का पैर। लोग जोर-जोर से मदद मांग रहे थे – ‘बचाओ-बचाओ’ की आवाजें गूंज रही थीं।

मृतकों में एक 20 वर्षीय कोचिंग स्टूडेंट आर्यन शामिल है, जो पश्चिम बंगाल का निवासी था। दूसरा मृतक की पहचान विभिन्न रिपोर्टों में लक्ष्मण (15) के रूप में हुई है। अब तक मलबे से 15 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। 13 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कुछ को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों में रेस्टोरेंट के मालिक, कर्मचारी और ग्राहक शामिल हैं। रेस्क्यू के दौरान एक SDRF कर्मचारी रॉकी डेनियल भी घायल हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक चला। SDRF की टीम ने मशक्कत से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि घटना के समय रेस्टोरेंट में 12-15 लोग मौजूद थे। प्रशासन ने बिना देरी के राहत कार्य शुरू किया और टीमें अलर्ट पर रहीं।

शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत के पास एक पुरानी बिल्डिंग को तोड़ा जा रहा था। वहां ड्रिल मशीन और हैमर का इस्तेमाल हो रहा था, जिससे लगातार वाइब्रेशन हो रहा था। इससे इस इमारत की नींव कमजोर हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इमारत निर्माणाधीन थी या बगल के काम से प्रभावित हुई। हालांकि, असली वजह की जांच तकनीकी टीम कर रही है।

राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने हादसे को गंभीर बताया और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र नागर ने कहा कि सभी घायलों का इलाज चल रहा है और मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही अंतिम स्थिति साफ होगी

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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