Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर घने जंगलों में आज सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। महाराष्ट्र पुलिस की विशेष इकाई सी-60 ने यह बड़ा एंटी-नक्सल अभियान चलाया, जिसमें अब तक तीन नक्सलियों को मार गिराया गया है। इसमें दो पुरुष और एक महिला नक्सली शामिल हैं। मुठभेड़ में एक सी-60 जवान शहीद हो गए जबकि एक अन्य जवान घायल होने के बाद एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया। मुठभेड़ स्थल से एक एकेए-47 राइफल और एक SLR बरामद हुई है।
ऑपरेशन गढ़चिरौली जिले के फोडेवाड़ा इलाके के पास नारायणपुर बॉर्डर पर मंगलवार रात से शुरू हुआ था जब खुफिया सूचना मिली कि माओवादी कंपनी नंबर 10 के कैडर और छत्तीसगढ़ से जुड़े कुछ नक्सली वहां मौजूद हैं। जवानों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है और गोलीबारी जारी है। इलाके में ऑपरेशन अभी भी चल रहा है और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
गौरतलब है कि इससे ठीक एक दिन पहले गुरुवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक और मुठभेड़ हुई जिसमें 8 लाख रुपये इनामी नक्सली कमांडर उधम सिंह मारा गया। साथ ही 46 लाख रुपये के इनाम वाले 12 माओवादी, जिनमें 8 महिलाएं शामिल थीं, ने आत्मसमर्पण कर दिया। ये सभी ‘साउथ सब जोनल ब्यूरो’ से जुड़े थे और इन्होंने बस्तर पुलिस की ‘पूना नर्कोम’ योजना के तहत मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
सरेंडर करने वालों में सोमडू मड़काम (42), हुंगी कुंजाम (19) और पायकी कुंजाम (22) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख का इनाम था।उन्होंने पुलिस को एक एकेए-47, दो एसएलआर, 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, बारूद से भरा ड्रम और कॉर्डेक्स वायर सौंपे। सरेंडर करने वालों को तुरंत 5 से 50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी और सरकार की नीति के तहत उनका पुनर्वास होगा।
पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 888 नक्सलियों ने सरेंडर किया है, 1,163 गिरफ्तार हुए और 231 मारे गए। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि विकास, सड़कें, सुरक्षा कैंप और लगातार अभियानों से माओवादी संगठन तेजी से कमजोर हो रहा है और उसका आधार क्षेत्र सिकुड़ रहा है।







