तेलंगाना के एक गांव में 100 से ज्यादा कुत्तों को जहर देकर मारा गया

Street Dogs Killed: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के याचारम गांव में एक बार फिर आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या का मामला सामने आया है। हैदराबाद से महज 50 किलोमीटर दूर इस गांव में 19 जनवरी को करीब 100 से अधिक आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार डाला गया। पशु कल्याण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह काम पेशेवर तरीके से किया गया और इसमें गांव के सरपंच तथा उनके सहयोगियों की संभावित भूमिका हो सकती है। घटना के बाद कुत्तों के शवों को गांव के बाहर दफनाने की आशंका जताई जा रही है, ताकि सबूत छिपाए जा सकें। फिलहाल शव पूरी तरह बरामद नहीं हो सके हैं।

यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले ही तेलंगाना के कमारेड्डी, हनमकोंडा और जगतियाल जिलों में एक हफ्ते के भीतर 500 से ज्यादा आवारा कुत्तों को जहर देकर मारने की खबरें आई थीं। उन मामलों में भी नवनिर्वाचित सरपंचों और स्थानीय प्रतिनिधियों पर आरोप लगे कि उन्होंने चुनाव के दौरान दिए वादों को पूरा करने के लिए ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने उन जिलों में 15 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं जिसमें कई सरपंच शामिल हैं।

याचारम मामले में स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकर्ता मुदावथ प्रीति ने शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(a)(i) के तहत सरपंच, एक वार्ड सदस्य और गांव के सचिव सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में बताया गया कि वार्ड सदस्य ने पहले कुत्तों को कहीं और शिफ्ट करने की बात कही लेकिन बाद में इंजेक्शन दिए जाने की बात मानी।

गांव वालों से पूछताछ में जहर देने की पुष्टि हुई। याचारम थाना प्रभारी ए. नंदेश्वर रेड्डी ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है और शवों के दफन स्थल का पता लगाया जा रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।पशु प्रेमियों और संगठनों में इस घटना को लेकर भारी रोष है। सोशल मीडिया पर #SaveStrayDogs जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि आवारा कुत्तों की समस्या सुलझाने के लिए स्टेरलाइजेशन और वैक्सीनेशन जैसे वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं, न कि हत्या। वहीं कुछ ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा का हवाला देकर कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशानी जता रहे हैं। लेकिन कानून हाथ में लेना गैरकानूनी है। पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत ऐसी हरकतें सजा के योग्य हैं। पुलिस जांच जारी है।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now