लेंस डेस्क। अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने ‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत ईरान (Iran) के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 10 प्रमुख सैन्य और खुफिया अधिकारियों की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। इस सूची में ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह मुज्तबा खामेनी का नाम प्रमुखता से शामिल है।
अमेरिकी मीडिया की खबरों के अनुसार सूची में शामिल अन्य प्रमुख नामों में अली असगर हेजाजी (सर्वोच्च नेता कार्यालय के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ), मेजर जनरल याह्या रहीम सफावी (सैन्य सलाहकार), अली लारीजानी (सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव), ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी (आंतरिक मामलों के मंत्री), इस्माइल खतीब (खुफिया और सुरक्षा मंत्री) और आईआरजीसी कमांडर जैसे पदाधिकारी शामिल हैं।
इनाम की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार यह दावा कर चुके हैं कि अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के प्रमुख सैनिक ठिकाने और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मारे जा चुके हैं।
ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद भी ट्रंप ने ईरानी जनता से तख्तापलट की अपील की थी लेकिन उसमें फिलहाल कामयाबी नहीं मिल पाई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में इस दावे के साथ खबरें भी हैं कि इन हमलों में मुज्तबा खामेनेई भी घायल हुए थे और उसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। हालांकि गुरुवार को उन्होंने अपना पहला आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने और दुश्मनों से बदला लेने की प्रतिबद्धता जताई।
उनकी नियुक्ति को कई विश्लेषक ‘वंशानुगत उत्तराधिकार’ की ओर झुकाव मान रहे हैं, जो ईरान की व्यवस्था के मूल सिद्धांतों से थोड़ा अलग है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे इनाम ईरान में मौजूदा सत्ता की मुखालफत करने वालों को प्रोत्साहित करने का प्रयास हैं। फिलहाल, ईरान की ओर से इस घोषणा पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।










