लेंस डेस्क। दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश अल्बानिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक और उग्र रूप ले लिया है। देश की राजधानी तिराना (Tirana) में बदहाल शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा अचानक देश की सर्वोच्च न्यायपालिका पर फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट (albania-supreme-court) की इमारत को आग के हवाले कर दिया।
अदालत परिसर के बाहर खड़ी गाड़ियों, कचरे के डिब्बों और इमारत के प्रमुख हिस्सों में आग लगा दी गई, जिसके बाद पूरी इमारत में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आगजनी की इस घटना में कोर्ट के कई दफ्तरों और रिकॉर्ड्स को भारी नुकसान पहुंचा है।
क्यों भड़का सुप्रीम कोर्ट पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि देश की न्यायपालिका निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय प्रधानमंत्री एडी रामा (Edi Rama) और सत्ताधारी सरकार के पक्ष में काम कर रही है। जनता का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का झुकाव पूरी तरह सरकार की तरफ हो चुका है और वह सरकार के विवादास्पद फैसलों और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का काम कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में सरकार के कुछ फैसलों और नीतियों को दी गई हरी झंडी से प्रदर्शनकारी बेहद आक्रोशित थे। उनका कहना है कि जब देश का सर्वोच्च न्यायालय ही जनता के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय सरकार की कठपुतली बन जाए, तो न्याय की उम्मीद खत्म हो जाती है। इसी गुस्से के चलते भीड़ ने सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही अपना निशाना बना लिया।
महंगाई, बेरोजगारी और खस्ताहाल शिक्षा के खिलाफ सड़कों पर छात्र व युवा
अल्बानिया में यह जनआक्रोश पिछले कई दिनों से सुलग रहा था, जो अब व्यापक हिंसक आंदोलनों में बदल चुका है। प्रदर्शन की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
बदहाल शिक्षा व्यवस्था: देश के छात्र और शिक्षक शिक्षा बजट में कटौती, जर्जर स्कूलों-यूनिवर्सिटी परिसरों और शिक्षा के व्यवसायीकरण को लेकर लंबे समय से विरोध दर्ज करा रहे थे।
बेरोजगारी और महंगाई: अल्बानिया में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की भारी कमी है, वहीं रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों ने आम जनता का जीना दूभर कर दिया है।
व्यापक भ्रष्टाचार: नागरिक समाज और विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार जनहित की अनदेखी कर कॉरपोरेट्स और खास समूहों को सरकारी नीतियां बेच रही है।
भारी पुलिस बल तैनात, कई अधिकारी घायल
सुप्रीम कोर्ट में आगजनी और सेंट्रल बैंक व शिक्षा मंत्रालय के पास हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद पूरे शहर में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़पों में 160 से अधिक पुलिस अधिकारियों सहित 270 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। वहीं, पुलिस ने अब तक 380 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। प्रधानमंत्री एडी रामा ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके चलते देश में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण बनी हुई है।











