मुंगेली/लोरमी। छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के कोर एरिया में बाघिन के हमले में 25 वर्षीय युवक धरमजीत (धरमदास) घृतलहरे की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक युवक अपने तीन साथियों के साथ फुटू (मशरूम) और करील (बांस के नए कल्ले) तोड़ने के लिए जंगल के घने हिस्से में पहुंचा था। इसी दौरान शावकों के साथ मौजूद बाघिन ने उस पर हमला कर दिया।
जानकारी के अनुसार, तखतपुर क्षेत्र के वनग्राम में रहने वाला धरमजीत अपने तीन साथियों के साथ ATR के कोर एरिया में गया था। मानसून सीजन के दौरान इस क्षेत्र में तीन बाघिनें—झुमरी, आशा और गंगा—अपने छोटे शावकों के साथ विचरण कर रही हैं। वन अधिकारियों के अनुसार, शावकों के आसपास होने पर मादा बाघिन बेहद संवेदनशील और आक्रामक हो जाती है।
बताया गया कि चारों युवक अनजाने में झाड़ियों के पास पहुंच गए, जहां बाघिन अपने शावकों के साथ मौजूद थी। खतरा महसूस होते ही बाघिन ने अचानक धरमजीत पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन को जबड़े में दबोच लिया। बाघिन को आक्रामक देखकर उसके साथ गए तीनों युवक किसी तरह मौके से भाग निकले।
हमले में गंभीर रूप से घायल धरमजीत की अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही मौत हो गई। बाहर निकलने के बाद उसके साथियों ने गांव वालों, पुलिस और वन विभाग को घटना की सूचना दी। इसके बाद जूनापारा पुलिस चौकी और वन विभाग की रेस्क्यू टीम भारी सुरक्षा के बीच जंगल में पहुंची और शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लोरमी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
15 जून से 31 अक्टूबर तक कोर एरिया में प्रवेश प्रतिबंधित
वन विभाग ने बताया कि मानसून के कारण 15 जून से 31 अक्टूबर तक टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्रों में पर्यटकों और आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। विभाग अब यह पता लगा रहा है कि युवक प्रतिबंध के बावजूद किस रास्ते से कोर एरिया में दाखिल हुए।
घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल के भीतर नहीं जाने की कड़ी हिदायत दी है। बाघिन की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखने के लिए इलाके में विशेष ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं और गश्त भी बढ़ा दी गई है।










