नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन (AIRWO) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध करते हुए उनकी नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को जारी बयान में संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय प्रभावशाली लोगों को राजनीतिक संरक्षण दे रही है। हालांकि, दुष्यंत गौतम की इस मामले में संलिप्तता अदालत में साबित नहीं हुई है।
अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लेने पर सवाल
AIRWO की महासचिव कॉमरेड मनिती सेल्वी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं। संगठन ने 15 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे माता-पिता को पुलिस हिरासत में लिए जाने की घटना की निंदा की।
संगठन ने सवाल उठाया कि न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिवार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई क्यों की जा रही है। AIRWO का आरोप है कि भाजपा सरकार इस मामले में राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखा रही है।
महिला अपराधों के मामलों में भाजपा पर संरक्षण देने का आरोप
संगठन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि महिला उत्पीड़न के गंभीर मामलों में दोषियों और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जाता रहा है। बयान में बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई और आसाराम व राम रहीम से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया गया।
AIRWO ने मांग की है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए और अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। संगठन ने उत्तराखंड सरकार से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।










