नई दिल्ली। राम मंदिर ट्रस्ट चंदा चोरी के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जांच अधिकारी को पत्र लिखकर विपक्षी नेताओं के सार्वजनिक बयानों की भी जांच कराने की मांग की है।
आलोक कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि राम जन्मभूमि से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने सार्वजनिक रूप से कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने जांच एजेंसी से इन सभी आरोपों की निष्पक्ष तरीके से जांच करने की अपील की है।
पत्र में क्या है मांग?
विहिप अध्यक्ष ने पत्र में मांग की है कि अगर जांच के दौरान इन नेताओं के लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अगर जांच में ये आरोप झूठे या बेबुनियाद साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच की गुजारिश
आलोक कुमार का कहना है कि राम जन्मभूमि करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। ऐसे में इस मामले से जुड़े सभी दावों, आरोपों और बयानों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।
मिलाया जा रहा लेन देन का ब्यौरा
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच में बैंक खातों और दान राशि का ब्योरा मिलाया जा रहा है। जांच के दौरान पता चला है कि:कथित चोरी का मामला उजागर होने से पहले मंदिर के खातों में प्रतिदिन लगभग 16–18 लाख रुपये जमा हो रहे थे।
मामले सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24–26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई।इसके अलावा CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। जांच टीम को कुछ नए CCTV फुटेज मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच चल रही है। अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।









