रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बांग्लादेश (Bangladesh) के नागरिक को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान शेख रेहान (31) के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि वह महज 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था और यहां रहकर गाड़ी मैकेनिक का काम करता था।
मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर का है। पुलिस ने सूचना के आधार पर सोमवार को किराए के मकान में दबिश देकर रेहान को गिरफ्तार किया। उसके दस्तावेज और पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद रेहान के मां-पिता कुछ दिन पहले रायपुर से निकलकर बांग्लादेश चले गए थे। हालांकि, रेहान रायपुर में ही रह गया और मैकेनिक का काम करता रहा।
मां-पिता के अचानक गायब होने के बाद इलाके में इसकी चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान पुलिस तक रेहान के बांग्लादेशी नागरिक होने की सूचना पहुंची। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई और पुख्ता इनपुट मिलने पर संजय नगर स्थित उसके ठिकाने पर दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, रेहान वर्ष 2000 में महज 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। इसके बाद उसने यहीं पढ़ाई की और करीब 26 साल तक रायपुर में रहा।
वह संजय नगर में किराए के मकान में रह रहा था। टिकरापारा इलाके में उसकी गाड़ी मैकेनिक की छोटी दुकान भी है।
भारतीय पासपोर्ट से पिछले साल भी Bangladesh गया
पुलिस का दावा है कि रेहान और उसके माता-पिता ने रायपुर में रहते हुए आधार कार्ड, राशन कार्ड समेत कई भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। पुलिस के अनुसार, रेहान का भारतीय पासपोर्ट भी बना हुआ था।
बताया गया है कि वह वीजा के जरिए बांग्लादेश स्थित अपने पैतृक गांव पार्वतीपुर आता-जाता था। पुलिस ने उसके दस्तावेज और पासपोर्ट जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, पिछले साल बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान रेहान अपने माता-पिता के साथ रायपुर से कोलकाता गया था। इसके बाद सड़क मार्ग से बांग्लादेश चला गया।
वहां कुछ महीने रहने के बाद रेहान दोबारा भारत आया। पुलिस का कहना है कि इसके बाद वह अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहने लगा और कुछ दिन पहले रायपुर पहुंचकर संजय नगर में रहने लगा था।
संजय नगर से पिछले महीने भी पकड़ा गया था बांग्लादेशी
पुलिस के मुताबिक, संजय नगर इलाके में पिछले महीने भी जमाल करीम (42) नाम के एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था।
जमाल के बारे में पुलिस का कहना है कि वह वर्ष 2013 में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। इससे पहले वह पश्चिम बंगाल में रहता था। रायपुर आने के बाद उसने कबाड़ का कारोबार शुरू कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, जमाल के पास आधार कार्ड और रायपुर का निवास प्रमाण-पत्र समेत अन्य भारतीय दस्तावेज मिले थे। पुलिस का दावा है कि उसके पिता ने उसके दस्तावेज तैयार करवाए थे।
पुलिस के मुताबिक, जमाल पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी बांग्लादेश में रहती है। बाद में उसने ओडिशा में दूसरी शादी कर ली, जिससे उसके बच्चे भी हैं।
पुलिस का कहना है कि बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद जमाल ओडिशा चला गया था। कुछ समय वहां रहने के बाद रायपुर लौटने पर उसे संजय नगर से गिरफ्तार किया गया।
दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया
पुलिस के अनुसार, रेहान और जमाल दोनों को रायपुर केंद्रीय जेल परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। दोनों से जुड़े दस्तावेज और नागरिकता से संबंधित जानकारी गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेजी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जाएगी।









