Pulitzer Prize 2026 : भारतीय पत्रकारिता ने एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी ताकत का परिचय दिया है। न्यूयॉर्क में सोमवार को घोषित पुलित्जर पुरस्कार 2026 में दो भारतीय पत्रकारों आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा को प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। दोनों पत्रकारों को ‘Illustrated Reporting and Commentary’ (चित्रात्मक रिपोर्टिंग और कमेंट्री) श्रेणी में यह पुरस्कार मिला है उन्होंने ब्लूमबर्ग के लिए ‘Trapped’ शीर्षक से एक बेहद प्रभावशाली रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें डिजिटल निगरानी और साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर किया गया।
रिपोर्ट में भारत की एक न्यूरोलॉजिस्ट की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी शामिल है जिन्हें साइबर जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का शिकार बनाया था। तस्वीरों और शब्दों के अनोखे संयोजन से बनी यह रिपोर्ट न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी। इस रिपोर्ट को उन्होंने ब्लूमबर्ग की वरिष्ठ पत्रकार नताली ओबिको पियर्सन के साथ तैयार किया था। पुलित्जर पुरस्कार समिति ने इस रिपोर्ट को डिजिटल अपराध की गहराई को समझने और आम लोगों पर उसके प्रभाव को दिखाने के लिए सराहा।
अनिरुद्ध घोषाल को भी सम्मान
इसके अलावा भारतीय मूल के पत्रकार अनिरुद्ध घोषाल (हनोई स्थित) को अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग श्रेणी में पुलित्जर पुरस्कार मिला है। उन्होंने अमेरिका की बॉर्डर पेट्रोल एजेंसी द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे गुप्त निगरानी उपकरणों पर गहन जांच रिपोर्ट तैयार की, जिसमें चीन की भूमिका भी उजागर हुई।
पुलित्जर पुरस्कार का महत्व
कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पुलित्जर पुरस्कार को पत्रकारिता के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार उन रिपोर्ट्स को दिया जाता है जो उत्कृष्ट, साहसिक और सार्वजनिक हित वाली होती हैं लेकिन यह पुरूस्कार केवल अमेरिकन मीडिया आउटलेट में प्रकाशित रिपोर्ट्स पर ही दिया जाता है। यह सम्मान युवा भारतीय पत्रकारों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो गंभीर investigative journalism को अपना करियर बना रहे हैं।










