कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 16 जून की रात हुई triple murder मामले में साय सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को जांच सौंपने की मंजूरी दे दी है। इस मामले में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई नागेंद्र सिंह और एक अन्य व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पीड़ित परिवार लंबे समय से निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग कर रहा था।
रेत तस्करी पर विवाद बना हत्याकांड की वजह
पुलिस के अनुसार, नौगई गांव में रेत के अवैध खनन और उससे जुड़ी उगाही को लेकर दो परिवारों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। भाजपा नेता लल्ला सिंह के परिवार और मनोज त्रिपाठी के परिवार के बीच यह तनाव बढ़ता गया।
चिरमी रेत घाट का ठेका मयंक सिंह के नाम पर था, जिसके बाद वे आसपास के कई इलाकों से निकलने वाली रेत पर प्रति ट्रक 1000 रुपये की वसूली करने लगे थे। त्रिपाठी परिवार इस पैसे देने को तैयार नहीं था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच मारपीट और तनाव की घटनाएं होती रहीं।
घटना का क्रम
16 जून को नौगई में हुई मारपीट के बाद लल्ला सिंह समझौता करने के लिए अपने भाइयों के साथ वहां पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। फॉर्च्यूनर कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिसमें दो लोगों की जलकर मौत हो गई। लल्ला सिंह के एक भाई का गला फरसे से काट दिया गया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक कनेक्शन
मृतक लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े के करीबी माने जाते थे, जबकि आरोपी पक्ष मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह का करीबी नेता था। घटना से पहले लल्ला सिंह की कार में लगे हूटर को लेकर शिकायत दर्ज हुई थी और पुलिस ने उसे हटवा भी दिया था।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेत माफिया इतने हावी हो गए हैं कि पुलिस को पहले से जानकारी होने के बावजूद हत्या हो गई। उन्होंने रेत खनन के ठेका प्रथा को बंद करने की मांग की। वर्तमान में पुलिस चार प्रमुख आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर जांच कर रही है।











