Apple के CEO Tim Cook ने हाल ही में कंपनी की एक इंटरनल मीटिंग में 14 साल पुरानी गलती को स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि साल 2012 में Apple Maps का लॉन्च उनके नेतृत्व में सबसे बड़ी चूक थी जिसने कंपनी की साख को बुरी तरह प्रभावित किया था।
क्या था वो फैसला?
2012 में Apple ने iPhone में Google Maps की जगह अपना खुद का Apple Maps ऐप लॉन्च किया। कंपनी का मकसद था कि यूजर्स को बेहतर नेविगेशन सर्विस मिले लेकिन लॉन्च के तुरंत बाद यूजर्स ने भारी शिकायतें शुरू कर दीं। मैप में जगहों की लोकेशन गलत दिख रही थी रास्ते पूरी तरह गलत बता रहा था, कई बड़े शहर और लैंडमार्क नक्शे से गायब थे, सैटेलाइट तस्वीरें टेढ़ी-मेढ़ी और अजीब दिख रही थीं। उस समय Google Maps कहीं ज्यादा सटीक और विश्वसनीय था इसलिए Apple Maps की खराबी ने यूजर्स को बहुत निराश किया।
कंपनी में मची हलचल
Apple Maps की इस विफलता का असर इतना बड़ा था कि कंपनी के अंदर हड़कंप मच गया। उस समय iOS सॉफ्टवेयर की जिम्मेदारी संभाल रहे स्कॉट फॉरस्टॉल को इस मामले के बाद कंपनी छोड़नी पड़ी। टिम कुक ने खुद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और यूजर्स से कहा कि जब तक Apple Maps ठीक न हो जाए वे Google Maps या अन्य ऐप्स का इस्तेमाल करें। यह Apple जैसी कंपनी के लिए बहुत असामान्य कदम था।
हाल ही में हुई टाउन हॉल मीटिंग में टिम कुक ने कर्मचारियों से कहा, ‘उस समय प्रोडक्ट तैयार नहीं था। हमने सोचा था कि टेस्टिंग ठीक है, लेकिन असल दुनिया में यह फेल हो गया।’ उन्होंने आगे कहा कि इस गलती से कंपनी को बहुत कुछ सीखने को मिला। Apple ने यूजर्स को सबसे पहले रखने का फैसला किया और कहा कि ‘अन्य ऐप्स बेहतर हैं, इन्हें इस्तेमाल करो’ यह उनके लिए ‘humble pie’ (अपनी गलती मानना) का पल था।
टिम कुक के मुताबिक, इस घटना ने Apple के काम करने के तरीके को हमेशा के लिए बदल दिया। अब कंपनी किसी भी प्रोडक्ट को तब तक लॉन्च नहीं करती, जब तक वह यूजर्स की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा न उतरे। आज Apple Maps काफी सुधर चुका है और कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का सबसे अच्छा मैप ऐप बन गया है।











