वेदांता प्लांट हादसे की जांच में पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल, पूछा– ‘लोड बढ़ाने’ का मुद्दा प्रशासन की जांच में क्यों नहीं?

Mohammad Akbar

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे (Vedanta Power Plant Accident) को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि प्लांट में उत्पादन बढ़ाने के लिए बॉयलर का लोड अचानक बढ़ाया गया, जो हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण बिंदु को जांच के दायरे में शामिल ही नहीं किया गया है।

मोहम्मद अकबर के अनुसार, पहले बॉयलर का लोड 350 मेगावाट था, जिसे एक घंटे के भीतर बढ़ाकर 590 मेगावाट कर दिया गया। उनका कहना है कि इस तरह अचानक लोड बढ़ाना ही हादसे का कारण बना, लेकिन प्रशासन द्वारा जारी जांच बिंदुओं में इसका जिक्र नहीं है।

यह हादसा 14 अप्रैल 2026 को सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड के बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था। जानकारी के अनुसार, बॉयलर के स्टीम पाइप के वाटर सप्लाई जॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते यह दुर्घटना हुई। इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 21 मजदूरों की मौत हो गई।

घटना के बाद जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने विस्तृत न्यायिक जांच के संशोधित आदेश जारी किए हैं। अनुविभागीय दंडाधिकारी, डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासन द्वारा तय किए गए जांच के बिंदुओं में घटना के वास्तविक कारणों की जांच, मृतक और घायलों की जानकारी, बॉयलर निरीक्षण और प्रमाणपत्र की वैधता, औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा, तकनीकी खराबी या मानवीय लापरवाही का निर्धारण, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान, भविष्य के लिए सुझाव शामिल हैं।

हालांकि, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर का कहना है कि इन बिंदुओं में बॉयलर का लोड 350 से 590 मेगावाट तक बढ़ाने का उल्लेख नहीं है, जो इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू हो सकता है।

कलेक्टर ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतिलिपि गृह विभाग, मानव अधिकार आयोग, श्रम विभाग और उद्योग विभाग को भी भेजी गई है, ताकि निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित की जा सके।

इस हादसे को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या तकनीकी खराबी ही वजह थी या उत्पादन बढ़ाने के दबाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? जांच रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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