नशीली सिरप के अवैध कारोबार में 381 दिन में पूरा हुआ ट्रायल, आरोपियों को 15-15 साल की सजा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कबीर नगर इलाके में नशीली सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में विशेष न्यायालय रायपुर किरण थवाईत ने आरोपियों को 15 वर्ष का कारावास और 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

सबसे अहम बात यह है कि FIR दर्ज होने के महज 381 दिन के भीतर ट्रायल पूरा कर आरोपियों को सजा दे दी गई।

पुलिस के मुताबिक, 25 अगस्त 2025 को कबीर नगर में थाने FIR दर्ज किया गया था। मामले में NDPS Act के तहत प्रतिबंधित नशीली सिरप TUSCOREX SYRUP के अवैध क्रय-विक्रय और सप्लाई का आरोप लगाया गया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती कार्रवाई में राहुल बंजारे और नंदन मिश्रा को नशीली सिरप बिक्री के लिए अपने कब्जे में रखकर ग्राहक तलाशते हुए पकड़ा गया था। उनके कब्जे और बताए गए स्थान से 100 शीशी, प्रत्येक 100 ML, कुल 10 लीटर नशीली सिरप, जिसकी कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई गई, जब्त की गई।

पुलिस ने बताया कि जांच के बाद सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया।

इस मामले में नशीली सिरप के स्रोत और सप्लाई चैन की जांच करते हुए पुलिस अधिराज मेडिकल, मॉडल टाउन, भिलाई तक पहुंची। जांच में सामने आया कि मेडिकल लाइसेंस के आधार पर नशीली सिरप मंगाई गई थी।

विवेचना के दौरान मेडिकल संचालक उदित शर्मा और सह-संचालक सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी की कथित संलिप्तता सामने आने पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, जांच में मेडिकल लाइसेंस का इस्तेमाल नशीली सिरप के कारोबार में किए जाने की बात सामने आई और क्रय-विक्रय से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

इस तरह पुलिस ने मामले में मौके की बरामदगी से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी, उनके मेमोरेंडम, सप्लाई के लिंक और नशीली सिरप के स्रोत तक जांच की।

19 दिसंबर 2025 को पेश हुआ चालान

पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान नशीले पदार्थ का वैज्ञानिक परीक्षण, दस्तावेजों और साक्ष्यों का संकलन तथा गवाहों के बयान समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 को विशेष न्यायालय (NDPS), रायपुर के समक्ष चालान पेश किया गया। पुलिस ने गवाहों की समय पर पेशी और न्यायालय से जारी समन एवं वारंट की तामीली के लिए समन्वय किया।

मामले में 25 अगस्त 2025 को अपराध दर्ज हुआ और 10 सितंबर 2026 को अदालत ने फैसला सुनाया। इस तरह अपराध दर्ज होने से सजा तक कुल 381 दिन, यानी करीब एक साल 16 दिन लगे।

वहीं, 19 दिसंबर 2025 को चालान पेश होने के बाद 265 दिन, यानी करीब 8 महीने 22 दिन में ट्रायल पूरा हुआ।

पुलिस ने इस कार्रवाई को नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।

पुलिस का कहना है कि नशे से जुड़े मामलों में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्रोत से लेकर सप्लाई चैन तक जांच, समय पर चालान और ट्रायल मॉनिटरिंग के जरिए जल्द दोषसिद्धि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

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