नेशनल ब्यूरो,नई दिल्ली। कर्नाटक उच्च न्यायालय High Court ने हाल ही में एक 23 वर्षीय बलात्कार आरोपी को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि अपराधी को कानून के तहत पर्याप्त कठोरता से नहीं निपटा जा रहा है, इसलिए लोग अपराधों को हल्के में ले रहे हैं और उन्हें दिनचर्या की तरह अंजाम दे रहे हैं। मामले का नाम गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी बनाम कर्नाटक राज्य है।
बार एंड बेंच के अनुसार न्यायमूर्ति आर. नटराज ने कहा कि लोग लोकतंत्र में मिले अधिकारों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि शायद मध्य-पूर्व देशों जैसी कठोर सजाएँ जिनमें अपराधियों के अंग-भंग भी शामिल हैं देने से ही लोग कानून का पालन करेंगे।
जस्टिस नटराज ने कहा ‘कानून अपनी धार खो चुका है क्योंकि हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपटते। इसलिए अपराध करना इतना आसान हो गया है, मध्य-पूर्व के विपरीत। अगर पैर या हाथ काट दिए जाएँ, तो शायद तभी लोग कानून का पालन करना समझेंगे। क्योंकि हम लोकतंत्र में हैं, हर कोई इसे हक समझकर लेता है।’
न्यायाधीश ने MIT मणिपाल के छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ये तीखी मौखिक टिप्पणियाँ कीं। आरोपी 5 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने आगे कहा ‘नमक खाया है तो पानी पीना पड़ेगा। उसे और चार-पाँच दिन रहने दो। जेल की आदत डाल ले। पता नहीं, सजा हो गई तो वापस जाना पड़ सकता है।’
अदालत ने राज्य को नोटिस जारी किया और मामले को 8 जून को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।आरोपी की ओर से वकील अयांतिका मोंडल ने तर्क दिया कि आरोपी लगभग 2 महीने से जेल में है और कोई अपराध नहीं हुआ। आरोप 3 साल पुरानी घटना से जुड़े हैं, जिससे आरोपी के व्यावसायिक भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है।

शिकायतकर्ता और आरोपी मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मणिपाल के सहपाठी थे। महिला के अनुसार आरोपी नेउससे प्यार जताया और वह शुरू में सहमत हुई। बाद में उसने आरोपी के चरित्र पर शक किया और उससे दूरी बना ली।12 सितंबर 2023 को आरोपी ने उसे अपने अपार्टमेंट बुलाया, रिश्ते पर चर्चा का बहाना बनाया और उसकी मर्जी के खिलाफ यौन उत्पीड़न किया।
आरोप पक्ष का कहना था कि घटना से महिला को गंभीर आघात और डिप्रेशन हुआ, जिसका इलाज KMC मणिपाल में कराया गया। उसने बेंगलुरु में नेशनल कमीशन फॉर वीमेन से संपर्क किया फिर पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।मामला उदुपी वीमेन पुलिस स्टेशन में दर्ज है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 375(a) और 376 के तहत मामला चल रहा है।










