परदे के पीछे का महान शिल्पकार चला गया, फरोग सिद्दीकी नहीं रहे

प्रयागराज। हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक फरोग सिद्दीकी (Farogh Siddiqui) का निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक अनुभवी और रचनात्मक निर्देशक को खो दिया है। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे और हाल ही में अस्पताल में भर्ती रहे थे। 19 जून को प्रयागराज के निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली।

फरोग सिद्दीकी हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में शामिल थे जिन्होंने कई यादगार फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में जिगर (1992) और विजयपथ (1994) शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। इसके अलावा उन्होंने द डॉन, विश्वविधाता, कहानी किस्मत की और सामाजिक विषय पर आधारित रेवती जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया।

उन्होंने अपने फिल्मी करियर में निर्देशन के साथ-साथ सहायक निर्देशक के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। चर्चित हिंदी फिल्म गुलामी में वे मुख्य सहायक निर्देशक रहे थे। उनके कार्यों ने हिंदी सिनेमा को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

फरोग सिद्दीकी का संबंध प्रयागराज से था और वे अपने शहर के लिए गर्व का विषय माने जाते थे। उनकी फिल्मों और रचनात्मक योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

वे अपने पीछे परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों को छोड़ गए हैं। फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया है।

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