नई दिल्ली। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड के खातों से कथित तौर पर 60.54 करोड़ रुपए की सरकारी फंड की हेराफेरी के मामले में सीबीआई ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (IAS officer) पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा और कृषि विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी थे। सीबीआई ने 22 जून को उन्हें गिरफ्तार किया और मंगलवार को अदालत में पेश किया जा रहा है।
अग्रवाल पर आरोप है कि उनके दोनों विभागों के खाते चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की ब्रांच में खोले गए थे।यह हरियाणा वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करके किए गए थे।इन खातों में निर्धारित सीमा से ज्यादा फंड ट्रांसफर किए गए।
फ्रॉडुलेंट ट्रांजेक्शन के जरिए फंड की हेराफेरी की गई, जिससे राज्य को ₹60.54 करोड़ का नुकसान हुआ।सीबीआई ने जांच के दौरान अग्रवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए हैं।
फ्राॅड बड़े घोटाले का केवल एक हिस्सा
फ्रॉड आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32 ब्रांच में हुए बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के ₹504 करोड़ से ज्यादा फंड कथित तौर पर शेल कंपनियों के जरिए गायब कर दिए गए थे।
हरियाणा सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 अधिकारी,हरियाणा सरकार के 3 अधिकारी,2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
पहले आर के सिंह हुए थे गिरफ्तार
पहले गिरफ्तार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरके सिंह म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, पंचकुला से जुड़े फंड गबन मामले में अब न्यायिक हिरासत में हैं।सीबीआई ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और CREST से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच अपने हाथ में ली है। इनमें भी चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
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