स्टैनफोर्ड ग्रेजुएशन में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान फिलिस्तीन समर्थक छात्रों ने किया वॉकआउट

लेंस डेस्क। गूगल के CEO Sundar Pichai जब स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएशन समारोह में भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे तो खुशनुमा माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। फिलिस्तीन समर्थक छात्रों के एक बड़े समूह ने ‘Free Palestine’ के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और समारोह से वॉकआउट कर दिया। जैसे ही सुंदर पिचाई का परिचय दिया गया, छात्र अपनी जगहों से उठ खड़े हुए।

उन्होंने फिलिस्तीनी झंडे लहराए, सीटियां बजाईं और नारेबाजी करते हुए स्टेडियम से बाहर निकल गए। कई छात्रों ने पारंपरिक केफिया स्कार्फ भी पहन रखा था। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें गाउन और कैप पहने छात्र बाहर निकलते दिख रहे हैं।

क्यों किया गया विरोध?

छात्रों का यह विरोध ‘स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पैलेस्टाइन’ और ‘नो टेक फॉर अपार्थाइड’ जैसे संगठनों द्वारा आयोजित किया गया। वे गूगल के इजरायली सरकार के साथ ‘प्रोजेक्ट निंबस’ नामक 1.2 बिलियन डॉलर की क्लाउड कंप्यूटिंग डील का विरोध कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि गूगल अपनी तकनीक के जरिए इजरायल का समर्थन कर रहा है। वॉकआउट के बाद कई छात्र ‘पीपुल्स कमेंसमेंट’ नामक एक अलग कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां महमूद खलील मुख्य वक्ता थे।

सुंदर पिचाई का भाषण

विरोध के बावजूद सुंदर पिचाई ने शांति से अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने छात्रों को जीवन और करियर से जुड़ी सलाह दी। पिचाई ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘यह मेरा दूसरा दीक्षांत भाषण है। पहला तो मेरे घर के पीछे हुआ था।’ उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ज्यादा बात नहीं की, जबकि कई छात्र AI के कारण नौकरियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। पिचाई ने छात्रों से कहा कि जीवन में परिस्थितियों को देखने का नजरिया बहुत महत्वपूर्ण होता है।

बता दें कि इस साल स्टैनफोर्ड में टेक लीडर्स को AI को बढ़ावा देने पर छात्रों की हूटिंग का सामना करना पड़ा था। सुंदर पिचाई ने पहले ही एक पॉडकास्ट में कहा था कि उन्हें युवाओं पर भरोसा है और वे भविष्य में AI को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

पूनम ऋतु सेन

पूनम ऋतु सेन युवा पत्रकार हैं, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद लिखने,पढ़ने और समाज के अनछुए पहलुओं के बारे में जानने की उत्सुकता पत्रकारिता की ओर खींच लाई। विगत 6 वर्षों से वीमेन, एजुकेशन, पॉलिटिकल, हेल्थ, लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लगातार खबर कर रहीं हैं और सेन्ट्रल इण्डिया के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अलग-अलग पदों पर काम किया है। द लेंस में बतौर जर्नलिस्ट कुछ नया सीखने के उद्देश्य से फरवरी 2025 से सच की तलाश का सफर शुरू किया है।

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