लेंस डेस्क। सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (SRFTI) में छात्रों के प्रदर्शन और परिसर में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर अब अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। शाह ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है, जबकि भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने उनके बयान की जांच की मांग की है।
परिसर में क्या-क्या हुआ?
संस्थान प्रशासन के अनुसार, विवाद की शुरुआत 27 सितंबर को हुई जब कुछ छात्रों ने बिना अनुमति एक कार्यक्रम में घुसकर हंगामा किया। इसके बाद 4 अक्टूबर को करीब 250 छात्रों ने कुलपति संतोष अजमेरा को मुख्य गेट पर रात देर तक रोके रखा। 6 अक्टूबर से कुछ छात्रों ने कुलपति के दफ्तर पर कब्जा कर तोड़फोड़ की। 15 अक्टूबर को एक छात्र ने कुलपति के साथ हाथापाई की और अगले दिन दफ्तर पर पथराव भी हुआ।
छात्र 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वे परिसर में हुई हिंसक घटनाओं के लिए जवाबदेही तय करने और कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंतित हैं।
संस्थान ने इन घटनाओं को गंभीर अनुशासनहीनता बताया है। प्रशासन का कहना है कि विवाद तब बढ़ा जब परिसर की सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी लगाने और बाउंड्री ऊंची करने के कदम उठाए गए, जिसका कुछ छात्रों ने विरोध किया।
नसीरुद्दीन शाह का बयान
दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी कर छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की ‘चालाकी भरी जीत’ के बाद पार्टी अपनी विचारधारा से असहमत लोगों से बदला ले रही है। उन्होंने भाजपा को ‘ब्लडी झूठी पार्टी’ तक कहा।
शाह ने कहा कि छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिए गए, उन पर निगरानी बढ़ाई गई, धमकियां दी गईं और अब छात्रावास खाली करने को कहा जा रहा है। उन्होंने सभी विवेकशील नागरिकों से छात्रों की मांगों का समर्थन करने की अपील की। फिल्ममेकर पायल कपाड़िया ने भी छात्रों का समर्थन किया है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद और प्रवक्ता राहुल सिन्हा ने शाह के बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अभिनेता सरासर झूठ बोल रहे हैं और छात्रों की भावनाओं को भड़काकर उनका भविष्य खराब कर रहे हैं। सिन्हा ने आरोप लगाया कि शाह के बयान किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकते हैं, जिसमें विदेशी ताकतें और विपक्षी दल शामिल हैं। उन्होंने शाह के बयानों की पूरी जांच की मांग की।
संस्थान के सूत्रों ने भी शाह के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अभिनेता इस मामले से सीधे जुड़े नहीं हैं और उनके बयानों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
संस्थान की कार्रवाई
SRFTI प्रशासन ने गंभीर दुर्व्यवहार के आरोप में छह छात्रों को एक साल के लिए निष्कासित कर दिया है। कक्षाएं 13 नवंबर तक स्थगित कर दी गई हैं। छात्रों को परिसर खाली करने का निर्देश भी दिया गया था। संस्थान में 21 अक्टूबर तक पूजा की छुट्टियां थीं। प्रदर्शनकारी छात्र अपना आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। वे परिसर की सुरक्षा और हिंसक घटनाओं की जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम हैं।










