तो क्‍या भारत में भी बच्‍चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया?

February 18, 2026 6:09 PM
Social media banned

नई दिल्‍ली। एक निश्चित उम्र से कम के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल न कर सकें इसको लेकर भारत में मंथन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ चर्चा शुरू कर दी है कि बच्चों के लिए उम्र के आधार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी दी कि देश अब इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि बच्चों के लिए उम्र-आधारित नियम जरूरी हैं।

यह प्रस्ताव डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) एक्ट का हिस्सा है, जिसमें युवाओं के लिए उपलब्ध कंटेंट में उम्र के आधार पर अंतर किया गया है। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। साथ ही सरकार सोशल मीडिया कंपनियों के साथ डीपफेक की समस्या रोकने के उपायों पर भी विचार कर रही है।

मंत्री ने जोर दिया कि वैश्विक टेक प्लेटफॉर्म्स को भारत के संवैधानिक ढांचे और सांस्कृतिक संदर्भ का सम्मान करना होगा। पिछले हफ्ते ही सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को हानिकारक या अवैध कंटेंट हटाने के लिए तीन घंटे का समय दिया था।

इसके अलावा, मंत्री ने एआई में भारत की प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगले दो सालों में एआई सेक्टर में 200 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश हो सकता है, जिसमें डेटा सेंटर्स, स्टार्टअप्स और रिसर्च शामिल हैं। गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट जैसे कंपनियां पहले से ही बड़े निवेश कर रही हैं।

ऑस्ट्रेलिया उठा चुका है ये कदम

ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर अकाउंट रखने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब, एक्स, स्नैपचैट आदि प्रमुख प्लेटफॉर्म शामिल हैं, हालांकि व्हाट्सएप और यूट्यूब किड्स जैसे ऐप्स इससे अलग हैं। इस कानून के लागू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में लाखों अकाउंट्स डिलीट या ब्लॉक किए गए।

वहीं फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का बिल जनवरी 2026 में नेशनल असेंबली से पास हो चुका है, जो जल्द ही लागू हो सकता है।

डेनमार्क में 15 साल से कम उम्र के लिए प्रतिबंध की योजना नवंबर 2025 में घोषित की गई, जिसमें कुछ प्लेटफॉर्म्स के लिए पैरेंट्स की अनुमति से 13 साल से शुरू हो सकता है। मलेशिया भी 16 साल से कम उम्र के लिए जनवरी 2026 से प्रतिबंध लागू करने की घोषणा कर चुका है। ग्रीस, स्पेन, स्लोवेनिया, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे, इंडोनेशिया भी समान उपायों पर विचार कर रहे हैं।

मौजूदा समय में भारत में क्‍या है स्थिति

मौजूदा समय में भारत में सोशल मीडिया के लिए बच्चों पर कोई सख्त उम्र-आधारित पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पर्सनल डेटा प्रोसेस करने से पहले वेरिफायेबल पैरेंटल कंसेंट (सत्यापित अभिभावक की सहमति) लेना अनिवार्य है।

सरकार अब सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज के साथ बातचीत कर रही है कि उम्र-आधारित प्रतिबंध कैसे लागू किया जाए, संभवतः आईटी इंटरमीडियरी गाइडलाइंस में संशोधन के जरिए। कुछ राज्य जैसे आंध्र प्रदेश, केरल और गोवा भी ऑस्ट्रेलिया जैसा नियम अपनाने पर विचार कर रहे हैं। अभी कोई राष्ट्रीय स्तर का सख्त बैन नहीं है, लेकिन चर्चाएं तेज हैं और जल्द ही नियम बन सकते हैं।

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