लेंस डेस्क। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा एक खुलासा होने के बाद ब्रिटेन की राजनीति इन दिनों भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। ऐसे में पाक अधिकृत कश्मीर से जुड़ाव रखने वाली एक महिला शबाना महमूद का नाम वहां की राजनीति में अचानक से चर्चा में आ गया है। वह पीएम पद की प्रबल दावेदार बनकर उभरी हैं।
दरअसल एपस्टीन से जुड़ी नई फाइल में पूर्व ब्रिटिश राजनयिक पीटर मंडेलसन के संबंधों का खुलासा हुआ है। मंडेलसन को केयर स्टार्मर सरकार ने अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था, लेकिन एपस्टीन से उनके पुराने और विवादास्पद संबंध सामने आने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस नियुक्ति की सिफारिश करने वाले स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने 8 फरवरी 2026 को इस्तीफा दे दिया और पूरी जिम्मेदारी अपने ऊपर ली।
इस घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की स्थिति को काफी कमजोर कर दिया है। विपक्षी दलों के अलावा लेबर पार्टी के कुछ सांसदों ने भी स्टार्मर से इस्तीफे की मांग की है। स्टार्मर ने कहा है कि वे पद नहीं छोड़ेंगे और पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संकट गहराता जा रहा है। इस बीच लेबर पार्टी में उत्तराधिकारी की चर्चा तेज हो गई है और होम सेक्रेटरी शबाना महमूद का नाम सबसे आगे आ रहा है।
कौन हैं शबाना महमूद

शबाना महमूद का जन्म 17 सितंबर 1980 को बर्मिंघम के स्मॉल हीथ में हुआ था। उनके माता-पिता पाकिस्तान के नियंत्रित कश्मीर के मीरपुर से ताल्लुक रखते हैं। पिता महमूद अहमद सिविल इंजीनियर थे और 1980 के दशक की शुरुआत में सऊदी अरब के ताइफ में काम करते थे, जहां परिवार कुछ साल रहा। वापसी के बाद मां जुबैदा ने परिवार की सुविधा स्टोर संभाला, जबकि पिता स्थानीय लेबर पार्टी के चेयरमैन बने।
शबाना ने बर्मिंघम की स्कूलों में पढ़ाई की और ऑक्सफोर्ड के लिंकन कॉलेज से कानून में स्नातक किया। वे जूनियर कॉमन्स रूम की अध्यक्ष भी रहीं। बैरिस्टर बनने के बाद उन्होंने प्रोफेशनल इंडेम्निटी लॉ में काम किया। 2010 में मात्र 29-30 साल की उम्र में बर्मिंघम लेडीवुड से लेबर पार्टी की सांसद चुनी गईं और तब से लगातार इस सीट पर काबिज हैं।
राजनीतिक करियर में उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाईं, जिसमें छाया न्याय सचिव और छाया लॉर्ड चांसलर शामिल हैं। 2024 के आम चुनाव के बाद स्टार्मर सरकार में उन्हें न्याय सचिव और लॉर्ड चांसलर (ब्रिटेन की पहली मुस्लिम महिला इस पद पर) बनाया गया। सितंबर 2025 में उन्हें होम सेक्रेटरी (गृह मंत्री) का जिम्मा सौंपा गया, जो ब्रिटेन की सबसे चुनौतीपूर्ण कैबिनेट भूमिकाओं में से एक है। इस पद पर वे आव्रजन नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संभाल रही हैं। उन्होंने अवैध प्रवासन पर सख्त रुख अपनाया है, दोहराए जाने वाले विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी और पुलिस में फेशियल रिकग्निशन तथा एआई का विस्तार जैसे कदम उठाए हैं।
वे ब्लू लेबर से जुड़ी हैं, जो लेबर पार्टी के अंदर सामाजिक रूप से रूढ़िवादी धारा मानी जाती है। वे खुद को समर्पित मुस्लिम बताती हैं और अपनी आस्था को सार्वजनिक सेवा का आधार मानती हैं। उन्होंने मार्गरेट थैचर और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को अपना प्रेरणास्रोत बताया है।
पीएम पद के लिए कितनी मजबूत दावेदार?

वर्तमान संकट में शबाना महमूद को लेबर पार्टी के अंदर सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है। वे स्टार्मर की करीबी सहयोगी रही हैं और होम सेक्रेटरी के रूप में प्रशासनिक अनुभव रखती हैं। कई रिपोर्ट्स में उन्हें टॉप-टियर कंटेंडर बताया गया है, हालांकि बुकमेकर्स उनकी संभावनाओं को लगभग 9/1 (करीब 10 प्रतिशत) आंक रहे हैं। एंजेला रेनर और वेस स्ट्रीटिंग जैसे अन्य नेता भी चर्चा में हैं, लेकिन महमूद की सख्त नीतियां और पार्टी के विभिन्न गुटों में अपील उन्हें खास बनाती है।
कोई औपचारिक नेतृत्व चुनौती अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन अगर स्टार्मर को जाना पड़ा तो महमूद का नाम तेजी से आगे आ सकता है। उनकी सफलता 81 लेबर सांसदों के समर्थन पर भी निर्भर करेगी।
ब्रिटेन की राजनीति में मुस्लिम का उदय
अगर शबाना महमूद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनती हैं, तो वे देश की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री होंगी। यह ब्रिटिश राजनीति में एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव होगा। ब्रिटेन में मुस्लिम आबादी करीब 6-7 प्रतिशत है और पिछले वर्षों में मुस्लिम सांसदों, मेयरों (जैसे सदिक खान, लंदन के मेयर) और कैबिनेट मंत्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन प्रधानमंत्री पद अभी तक दूर रहा है।
यह उपलब्धि अल्पसंख्यक समुदायों के लिए प्रतीकात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण होगी। यह दिखाएगा कि ब्रिटेन की लोकतांत्रिक व्यवस्था विविधता को अपनाने में सक्षम है। साथ ही महमूद की पाकिस्तानी/कश्मीरी जड़ें और कठोर आव्रजन नीतियां बहस छेड़ सकती हैं।










