नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली
बड़ी खबर यूपी से आ रही है। यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष अपर्णा यादव द्वारा सपा और कांग्रेस का झंडा जलाए जाने और उस पर समाजवादी पार्टी की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के परिवार में बमचक मचने की सूचना मिली है। एक तरफ डिम्पल यादव जहां इस घटना के बाद अपनी देवरानी अपर्णा यादव पर आगबबूला हैं।
वहीं शिवपाल इसे घर का मामला बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।अंदरखाने से पता चलता है कि शिवपाल ने अखिलेश यादव को भी किसी प्रकार की नाराजगी दिखाने से बचने को कहा है, जिससे अखिलेश बेहद असहज हैं।
शिवपाल के दबाव में अपर्णा की प्रेस कांफ्रेंस
बताया जा रहा है कि शिवपाल यादव के दबाव में हो अपर्णा को आनन फानन के प्रेस कांफ्रेंस कर राजनीति और परिवार के अलग अलग होने की प्रतिक्रिया देनी पड़ी लेकिन डिम्पल यादव इसके बावजूद संतुष्ट नहीं हैं जिससे शिवपाल की स्थिति असहज हो गई है।
लंबे वक्त से हाशिए पर शिवपाल
नहीं भुला जाना चाहिए कि पूर्व में अपनी अलग पार्टी बना चुके शिवपाल लंबे अरसे से हाशिए पर हैं। इस बात की चर्चा भी जोरों पर है कि अखिलेश ने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को मौका देने की बात कहकर शिवपाल के हस्तक्षेप की गुंजाइश खत्म कर दी है। बात यही खत्म नहीं होती तमाम जरूरी बैठकों में शिवपाल नजर नहीं आते हैं।
नारी शक्ति अधिनियम से शुरू हुआ विवाद
दरअसल नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संविधान संशोधन के लोकसभा में पास न होने पर भाजपा ने विपक्षी दलों के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की बात कही थी। जिस रात संविधान संशोधन विधेयक गिरा उसी रात अपर्णा ने अखिलेश की तस्वीर लगा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का झंडा फूंक दिया। जिस पर समाजवादी और कांग्रेसी दोनों आक्रोशित हो गए। लेकिन अखिलेश यादव की बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया आई और बिना किसी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए आग जलाने वाले अक्सर खुद ही उसकी चपेट में आ जाते हैं।” जबकि भाजपा ने झंडे जलाए जाने पर अपर्णा से जवाब तलब कर लिया।
डिंपल ने इस मामले में स्थिति तब गरमाई जब कथित तौर पर डिम्पल ने शिवपाल यादव से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा लेकिन शिवपाल हस्तक्षेप की बात तो दूर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया देने से भी बचते रहें।मतभेदों के बावजूद, सार्वजनिक मंचों पर अपर्णा और डिम्पल के बीच सम्मान बना रहता है।
मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल की जीत पर अपर्णा ने ट्वीट कर उन्हें “आदरणीय भाभी” कहकर बधाई दी थी, जिसकी अखबारों में काफी चर्चा हुई थी। अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के बीच कम बातचीत होने के कारण डिंपल और अपर्णा के बीच भी संवाद सीमित है। हालांकि, दोनों ने कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कड़वी बयानबाजी नहीं की है। लेकिन इस बार झंडा जलाए जाने को लेकर डिम्पल के सब्र का बांध टूट गया।










