रायपुर में ग्लोबल मेडिकल मंथन, रूमेटोलॉजी सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ शामिल

March 18, 2026 9:41 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रूमेटोलॉजी के क्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 14–15 मार्च को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ‘वर्ल्ड रूमेटोलॉजी फोरम समिट 2026 – रूमेटोलॉजी मास्टरक्लासेस’ (Rheumatology Masterclasses) का आयोजन मेफेयर होटल में किया गया, जिसमें देशभर के साथ-साथ पड़ोसी देशों से लगभग 450 डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों की भागीदारी रही, जिनमें यूके से डॉ. विलियम टिलेट और डॉ. हेक्टर चिनॉय प्रमुख रहे। वहीं भारत के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ जैसे डॉ. अनीता महादेवन, डॉ. राजीव सेखरी और डॉ. दीपक तलवार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्रों के दौरान 25 से अधिक जटिल क्लिनिकल मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस आयोजन में प्रशिक्षुओं और कंसल्टेंट्स द्वारा करीब 165 पोस्टर प्रस्तुत किए गए, जबकि 200 से अधिक रिसर्च एब्स्ट्रैक्ट जमा किए गए। स्थानीय संस्थानों जैसे एम्स रायपुर, मेडिकल कॉलेज रायपुर, बालाजी अस्पताल, RIMS और MMI के छात्रों और डॉक्टरों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने शोध प्रस्तुत किए।

सम्मेलन का मुख्य विषय दो जटिल बीमारियों—मायोसाइटिस और सोरियाटिक आर्थराइटिस—पर केंद्रित रहा। ये दोनों ही ऑटोइम्यून रोग हैं। मायोसाइटिस मुख्य रूप से मांसपेशियों की बीमारी है, लेकिन यह फेफड़ों और शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है। वहीं सोरायसिस मुख्य रूप से त्वचा की बीमारी है, जो जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है।

विशेषज्ञों ने बताया कि ये बीमारियां बहुत दुर्लभ नहीं हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण इनका निदान अक्सर देर से होता है। बेहतर उपचार के लिए नई तकनीकों और एडवांस इमेजिंग पर भी चर्चा की गई।

सम्मेलन के साइंटिफिक चेयर चेन्नई के कावेरी हॉस्पिटल से डॉ. शाम एस रहे, जबकि आयोजन सचिव रायपुर के डॉ. अरुण कुमार केडिया थे। कार्यक्रम के दौरान आयोजित वर्कशॉप्स को प्रतिभागियों ने सराहा।

सम्मेलन का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसका संचालन साइंटिफिक चेयर ने किया। इसके बाद डॉ. अरुण कुमार केडिया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। रविवार को सम्मेलन स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन विशेषज्ञों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ और रूमेटोलॉजी के क्षेत्र में मरीजों की बेहतर देखभाल में सहायक होगा। मध्य भारत में आयोजित यह पहला अंतरराष्ट्रीय रूमेटोलॉजी सम्मेलन रहा, जो इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। 2022 से दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर के तौर पर काम किया है। इस दौरान स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन खबरें लिखीं। दैनिक भास्‍कर से पहले नवभारत, नईदुनिया, पत्रिका अखबार में 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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