छत्तीसगढ़ में रिटायर्ड फूड अफसर पर दुष्कर्म का केस, महात्मा गांधी पर टिप्पणी करने पर हुए थे सस्पेंड

Sanjay Dubey

रायपुर। छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग के रिटायर्ड फूड अफसर संजय दुबे के खिलाफ 23 वर्षीय युवती की शिकायत पर दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया है। पीड़िता ने रायपुर के आरंग थाने में 8 पन्नों की लिखित शिकायत दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी संजय दुबे का विवादों से पुराना नाता रहा है। चार साल पहले महात्मा गांधी पर टिप्पणी करने पर सरकार ने उन्हें सस्पेंड भी किया था। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उन्हें रंगे हाथ घूस लेते  गिरफ्तार भी किया था।

ताजा मामले में पीड़ित युवती ने रिपोर्ट लिखाई है कि वर्ष 2018-19 में फेसबुक पर संजय दुबे से पहचान हुई। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, और आरोपी ने शादी का झांसा देकर नजदीकियां बढ़ाईं। साल 2021 में वह युवती के आरंग स्थित घर पहुंचा, जहां उसने जबरन रेप किया।

युवती के अनुसार, आरोपी ने उसकी न्यूड तस्वीरें और वीडियो बनाए, और फिर उन्हीं तस्वीरों से ब्लैकमेल कर 3 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़िता ने पुलिस को फेसबुक चैटिंग के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर सौंपे हैं।

चैट में आरोपी संजय दुबे ने अपनी पत्नी को तलाक देने और पीड़ित युवती से शादी का झांसा दिया है।

आरंग थाने में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जान से मारने की धमकी की एफआईआर हुई है। टीआई राजेश सिंह ने बताया कि पीड़िता के बयान और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन वह अपने तय ठिकानों पर नहीं मिले। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाई गई है।

संजय दुबे छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग में असिस्टेंट फूड ऑफिसर रहे हैं।

एक विभागीय याचिका में संजय दुबे के खिलाफ वर्ष 2013-14 में रायपुर के आरंग-अभनपुर डिवीजन में कार्यरत रहते हुए, राज्योत्सव के अवसर पर दाल-भात केन्द्र संचालन के लिए आवंटित खाद्य सामग्री के उपयोग एवं भंडारण में अनियमितता का आरोप लगा था। इस आरोप की जांच के बाद उन्हें 16 जनवरी 2015 को निलंबित किया गया था।

2016 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने संजय दुबे को राजनांदगांव में 1 लाख 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उस केस में इस अफसर पर आरोपी था कि पीडीएस के अंतर्गत अवैध केरोसीन को नीलाम के बाद भुगतान आदेश जारी करने के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे।

दिसंबर 2021 में संजय दुबे के फेसबुक पेज से महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी हुई थी। इस पर शिकायत दर्ज होने पर आरोपी संजय दुबे को सस्पेंड भी कर दिया गया था।

दानिश अनवर

दानिश अनवर, द लेंस में जर्नलिस्‍ट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों का अनुभव है। द लेंस से पहले दैनिक भास्‍कर में इन्‍वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग टीम में सीनियर रिपोर्टर, नवभारत में क्राइम रिपोर्टर, नईदुनिया में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और पत्रिका अखबार में रिपोर्टर के तौर पर 10 साल काम किया। इन सभी अखबारों में दानिश अनवर ने विभिन्न विषयों जैसे- क्राइम, पॉलिटिकल, एजुकेशन, स्‍पोर्ट्स, कल्‍चरल और स्‍पेशल इन्‍वेस्टिगेशन स्‍टोरीज कवर की हैं। दानिश को प्रिंट का अच्‍छा अनुभव है। वह सेंट्रल इंडिया के कई शहरों में काम कर चुके हैं।

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