रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सरगुजा जिले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले रामगढ़ (Ramgarh) में आयोजित होने वाली एक महत्वपूर्ण परिचर्चा में लोगों से शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि 13 जून 2026 को उदयपुर (सरगुजा) स्थित रामगढ़ में हसदेव क्षेत्र में नई कोयला खदानों की स्वीकृति, रामगढ़ पर मंडराते खतरों तथा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खनन के नाम पर हो रहे वनों के दोहन और विस्थापन जैसे मुद्दों पर चर्चा आयोजित की जाएगी।
टीएस सिंहदेव ने अपने संदेश में कहा कि रामगढ़ केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे समय में जब हसदेव अरण्य में नई खदानों को मंजूरी मिलने और वन क्षेत्रों पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं, तब इन मुद्दों पर व्यापक जनचर्चा जरूरी हो गई है।
आयोजकों के अनुसार परिचर्चा में हसदेव क्षेत्र में प्रस्तावित नई खदानों के पर्यावरणीय प्रभाव, रामगढ़ क्षेत्र के संरक्षण, वनों के क्षरण तथा आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के विस्थापन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भागीदारी अपेक्षित है।
रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के मुद्दे पर जनजागरण का प्रयास किया जाएगा।
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