इंदौर। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शनिवार को इंदौर पहुंचे। इंदौर पहुंचकर वे भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी से प्रभावित परिवारों और मरीजों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों से भी मुलाकात की, जिनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अस्पताल के बाद राहुल गांधी का भगीरथपुरा इलाके में जाकर प्रभावित परिवारों से मिलने का भी कार्यक्रम है, जहां वे लोगों की समस्याएं और प्रशासनिक लापरवाही को समझेंगे। इसके बाद वे इंदौर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला।
मोहन यादव ने कहा, ‘राहुल गांधी को कर्नाटक जाना चाहिए, जहां उनकी सरकार है और वहां 20 लोगों की मौत हुई है। वे हैदराबाद को लेकर भी चिंता नहीं दिखा रहे हैं। भोपाल गैस त्रासदी में हजारों लोगों की जान कांग्रेस शासन में गई थी और एंडरसन को जाने देने की जिम्मेदारी भी कांग्रेस की ही है।‘
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस त्रासदी को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें अपने परिवार के राजनीतिक इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि भगीरथपुरा की घटना के बाद राज्य सरकार ने कठोर और त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया, ‘आजादी के बाद पहली बार हमारी सरकार ने एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है। इस मामले में पांच लोगों पर कार्रवाई की गई है। सरकार संवेदनशील है, मैं स्वयं घायलों से मिलने गया हूं। हमारे मंत्री और मेयर लगातार मौके पर मौजूद हैं।‘
दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि दूषित पानी पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 से 10 मरीज अब भी गंभीर हालत में हैं।
पटवारी ने बताया कि राहुल गांधी की मौजूदगी में जल संकट और दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर एक सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना थी।
वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को मुद्दे उठाने का अधिकार है।
उन्होंने कहा, ‘यदि कोई रचनात्मक सुझाव सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों को उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।‘ महाजन ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले जीतू पटवारी से मुलाकात कर बीमारी के प्रकोप और उसके समाधान को लेकर चर्चा की थी।
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