योग गुरु प्रदीप गुरुजी अहमदाबाद में गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपये की नकली करेंसी जब्त

March 19, 2026 9:06 PM
Pradeep Guruji arrested

नेशनल ब्यूरो। नई दिल्ली

एक चौंकाने वाले खुलासे में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के साथ 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला कि नकली नोटों को सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन से ले जाया जा रहा था।

अहमदाबाद और सूरत में संयुक्त कार्रवाई में अधिकारियों ने कार्रवाई की। इसमें अहमदाबाद से ₹2.10 करोड़ और सूरत से ₹80 लाख मूल्य के नकली नोट जब्त किए गए। ध्यान देने वाली बात है कि सभी नोट ₹500 के मूल्यवर्ग के थे। इस मामले में सत्य योग फाउंडेशन के प्रदीप गुरुजी को भी गिरफ्तार किया गया है।

सूरत में छपे नोट लाए जा रहे थे अहमदाबाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय का उल्लेख था। ये नकली नोट सूरत में बनाए गए थे और अहमदाबाद में प्रसार के लिए लाए जा रहे थे।वर्तमान में पुलिस ने इस मामले के सभी मुख्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं और नकली नोटों के प्रसार के संबंध में आगे जांच कर रही है।

‘श्री सत्य योग फाउंडेशन के आश्रम में छपे नकली नोट

ये नकली नोट सूरत जिले के कमरेज तालुका के धोरन पर्दी गांव में स्थित श्री सत्य योग फाउंडेशन के आश्रम में छापे जा रहे थे। शहर की क्राइम ब्रांच टीम ने श्री सत्य योग फाउंडेशन संस्थान पर छापा मारा और कई दस्तावेज जब्त किए। इस संबंध में नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

अमराईवाड़ी से 2 करोड़ के नकली नोट

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सूरत से अहमदाबाद में नकली नोटों की बड़ी खेप लाई जा रही है। इस खास टिप के आधार पर पुलिस ने रात में अमराईवाड़ी इलाके में निगरानी की।

कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखने पर छह लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनसे ₹500 के मूल्यवर्ग में ₹2 करोड़ मूल्य के नकली नोट बरामद हुए। टीम ने एक महिला सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया जो नकली नोटों का स्टॉक डिलीवर करने आए थे।

बड़ी नकली करेंसी नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना

पुलिस अधिकारियों ने कहा, “यह नेटवर्क सूरत से सक्रिय था और नकली नोटों का स्टॉक अहमदाबाद में किसी को डिलीवर किया जाना था। क्राइम ब्रांच ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।”

उन्होंने आगे कहा, “वर्तमान में क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि यह रैकेट किन राज्यों या शहरों से जुड़ा है, नोट कहां छापे गए थे, और पहले कितने नकली नोट बाजार में प्रसारित हो चुके हैं। यह सफल ऑपरेशन बड़ी नकली करेंसी नेटवर्क का पर्दाफाश कर सकता है।”

सूरत में छापेमारी, प्रिंटर और सामग्री जब्त

पुलिस ने आरोपी से खास अंदाज में पूछताछ की जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये नकली नोट सूरत के वराछा इलाके में छप रहे थे। क्राइम ब्रांच की टीम वहां भेजी गई और स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की गई जहां नोट छापे जा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रिंटिंग मशीन और संबंधित सामग्री जब्त की।

असली 500 के बदले नकली 1500 रुपये

पुलिस ने बताया, “गिरफ्तार आरोपियों की योजना बाजार में नोट प्रसारित करने की थी जहां असली नोट देकर नकली नोट लिए जाते थे। गिरफ्तार व्यक्तियों ने क्राइम ब्रांच को कबूल किया कि उन्होंने असली ₹500 लेकर नकली ₹1500 देने की स्कीम शुरू की थी। दो करोड़ के नकली नोटों के बदले असली नोटों में ₹66 लाख दिए जाने थे।”

देशभर में नकली नोट डिलीवर करने के लिए एजेंट्स की फौज बनाने की तैयारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी अभी-अभी नकली नोट छापना शुरू कर चुके थे। वे अपनी पहली डील के लिए निकले ही थे कि गिरफ्तार हो गए। पूरा नकली नोट बनाने का रैकेट सूरत से चल रहा था जहां एजेंट्स बनाने का काम भी चल रहा था।
वे आरोपी द्वारा बनाए गए नकली नोटों को देश के हर कोने में पहुंचाने के लिए एजेंट्स बनाने में लगे थे। अच्छे कमीशन का लालच देकर वे एजेंट्स की फौज बनाने की तैयारी कर रहे थे।

पंचनामा करते समय पसीना बह रहा था

क्राइम ब्रांच ने 40 हजार से अधिक ₹500 के नोट जब्त किए हैं और पंचनामा देर रात से चल रहा है। अधिकारी सभी नकली नोटों के सीरियल नंबर लिखने में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अभी भी नेटवर्क की तलाश में हैं।

विवादास्पद योग गुरु

योग गुरु प्रदीप 2018 में चर्चा में आए थे। उन्होंने शहर के कमरेज इलाके में स्थित ‘सत्यम फाउंडेशन’ आश्रम में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था जहां वे योग सिखाते थे। यह घटना 1 दिसंबर 2018 को हुई थी।
आत्महत्या के प्रयास से पहले योग गुरु ने सात पन्नों की सुसाइड नोट लिखी थी जिसमें आश्रम के 10 शिष्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

कपास कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास

जानकारी के अनुसार, वे योगगुरु प्रदीप सत्यम फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे आश्रम में काम कर रहे थे। उन्होंने अज्ञात कारणों से कपास की फसल के लिए इस्तेमाल होने वाले जहरीले कीटनाशक का सेवन किया। घटना की सूचना मिलते ही उन्हें तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया।

सुसाइड नोट में 10 शिष्यों के नाम

योगगुरु ने अपनी 7 पन्नों की सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे योगगुरु ने आरोप लगाया कि आश्रम में दान देने वाले शिष्य अब आक्रामक तरीके से अपना पैसा वापस मांग रहे थे। नोट के अनुसार, करीब दस शिष्य उन्हें मारने की धमकी भी दे रहे थे। योग गुरु ने गंभीर रूप से लिखा कि कुछ ‘परेशान करने वाले’ शिष्य उनकी और उनकी पत्नी कृष्णाजी के चरित्र को बदनाम करने के लिए अनुचित बातें फैला रहे थे।

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