नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली में सोमवार से शुरू हुए AI impact summit 2026 में दुनिया भर के टेक दिग्ग्जों का जमावड़ा हुआ। हालांकि दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया (NVidia) के सीईओ जेनसेन हुआंग ने इस कार्यक्रम से दूरी बना ली है। जिसकी पुष्टि खुद कंपनी ने की है।
इस समिट का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया। यह पांच दिवसीय आयोजन है, जो 20 फरवरी तक चलेगा। समिट का उद्देश्य एआई की तेजी से बदलती दुनिया को समझना, इसके लाभों को आम जनता तक पहुंचाना और चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है। इसमें नीति निर्माण, अनुसंधान, उद्योग और जन-भागीदारी जैसे सभी पहलुओं को शामिल किया गया है। थीम रखी गई है सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।
एक्सपो में 300 से अधिक प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए जा रहे हैं, जहां लोग एआई में हो रहे नवीनतम विकास और आने वाले बदलावों के बारे में जान सकेंगे। विशेषज्ञ अब तक की रिसर्च, भविष्य के फोकस क्षेत्रों और एआई से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं। यह समिट 2023 में ब्रिटेन से शुरू हुई वैश्विक एआई चर्चा की श्रृंखला में महत्वपूर्ण कड़ी है।

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के एक सत्र में मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन के साथ चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत एक ऐसा टेक्नो-लीगल ढांचा तैयार करेगा जिसमें सिर्फ कानूनी प्रावधान ही नहीं, बल्कि उन्नत तकनीकी सुरक्षा के उपाय भी शामिल होंगे। देश बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपी राइट्स) और कंटेंट बनाने वालों की अहमियत को पूरी तरह मान्यता देता है। इसलिए नवाचार को बढ़ावा देने और कॉपीराइट की सुरक्षा के बीच सही तालमेल बिठाना बहुत जरूरी है।
भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने के साथ-साथ मजबूत नियम-कायदों और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया है। वैष्णव ने साफ किया कि एआई को क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का माध्यम बनाना चाहिए, लेकिन इससे कॉपीराइट, रोजगार के अवसरों या लोगों के भरोसे को कोई क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। उन्होंने मानव कल्पनाशीलता और रचनात्मकता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

मंत्री ने आगे कहा कि ज्यादातर एआई मॉडल बड़ी मात्रा में सार्वजनिक और संरक्षित सामग्री पर प्रशिक्षित किए जाते हैं, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या मौजूदा व्यवस्था रचनाकारों को उचित लाभ और सम्मान दे पा रही है। उन्होंने जोर दिया कि समस्या का हल केवल साधारण नियम बनाकर नहीं निकलेगा। इसके लिए सभी पक्षों की सहमति, नई तकनीकों का इस्तेमाल और संयुक्त प्रयासों की जरूरत होगी ताकि नवाचार भी फले-फूले और बौद्धिक संपदा भी सुरक्षित रहे।
अमेरिकी कंपनी ने दिया रोबोटिक्स तकनीक का दम
AI Impact Summit 2026: समिट में अमेरिकी कंपनी Qualcomm ने अपनी रोबोटिक्स तकनीक का प्रदर्शन किया। कंपनी ने अपना पूरा एंड-टू-एंड प्लेटफॉर्म पेश किया, जो फिजिकल एआई सिस्टम्स को तेजी से विकसित और लागू करने में मदद करता है। यह भारत में पहली बार दिखाया गया, जो इससे पहले CES 2026 में लॉन्च हुआ था।
इसमें घरेलू रोबोट, औद्योगिक ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट (AMR) और ह्यूमनॉइड रोबोट्स तक के लिए इस्तेमाल हो सकता है। खास तौर पर कंपनी ने Dragonwing IQ-10 नाम का नया प्रोसेसर लॉन्च किया, जो बड़े ह्यूमनॉइड रोबोट्स और एडवांस्ड AMR के लिए डिजाइन किया गया है। यह जटिल कार्यों को संभालने में सक्षम है और कम ऊर्जा में उच्च प्रदर्शन देता है।
Qualcomm के अनुसार यह उनकी रोबोटिक्स आर्किटेक्चर का मूल है, जो विभिन्न प्रकार के रोबोट्स के लिए स्केलेबल क्षमता प्रदान करेगा। यह समिट एआई के जिम्मेदार उपयोग, समावेशी विकास और सतत भविष्य की दिशा में भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।









